यमुनानगर। शहर की बढ़ती आबादी और सीवरेज प्रबंधन की जरूरतों को देखते हुए जम्मू कॉलोनी में शहर का अब तक का सबसे बड़ा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तैयार किया जा रहा है। करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस अत्याधुनिक प्लांट का लगभग 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार निर्धारित समय सीमा जून 2027 है, लेकिन निर्माण कार्य की गति को देखते हुए इसे इसी वर्ष के अंत तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। यह एसटीपी प्रतिदिन 77 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) सीवरेज जल का शोधन करेगा।
इसमें यमुनानगर शहर से निकलने वाले 56 एमएलडी और जगाधरी क्षेत्र से आने वाले 21 एमएलडी सीवरेज के पानी का उपचार किया जाएगा। साथ ही शहर के नालों को भी इससे जोड़ा जाएगा। इसके शुरू होने से शहर की सीवरेज व्यवस्था अधिक प्रभावी होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। वर्तमान में शहर में कुल पांच एसटीपी संचालित हैं।
इनमें एक जगाधरी के परवालो क्षेत्र में, दो जम्मू कॉलोनी तथा दो बाडी माजरा में स्थापित हैं। नए 77 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी के शुरू होने से बढ़ते सीवरेज भार को संभालने में बड़ी राहत मिलेगी और भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जा सकेगा। बीओडी की मात्रा को करेगा कम : यह संयंत्र एसबीआर (सीक्वेंसिंग बैच रिएक्टर) तकनीक पर आधारित होगा, जिसे अपशिष्ट जल के जैविक उपचार की अत्याधुनिक और अत्यधिक प्रभावी प्रणाली माना जाता है।
इस तकनीक के माध्यम से उपचारित पानी में बीओडी (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड) का स्तर घटकर लगभग 30 मिलीग्राम प्रति लीटर तक आ जाएगा, जिससे पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण जल का निस्तारण संभव होगा। एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र सिंह ने बताया कि परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सिविल वर्क लगभग पूरा हो चुका है और अब मशीनरी स्थापित करने का काम चल रहा है। कंपनी निर्धारित समय से पहले परियोजना को पूरा करने का प्रयास कर रही है। संवाद