संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। मानसून से पहले जलभराव की समस्या समाप्त करने के लिए नगर निगम ने नालों की सफाई पर पानी की तरह पैसा बहाया, लेकिन बारिश में शहर की सड़कों पर पानी बहता दिखा। बारिश रुकने के बाद पानी उतरने में दो घंटे से ज्यादा का समय लगा। जिले में औसतन 18 एमएम बारिश हुई।
जलभराव के हालात शहर के पॉश इलाकों के हैं, जबकि निचली कॉलोनियों में हालात इससे ज्यादा खराब रहे। निचली कॉलोनियों में पानी घरों में घुस गया। नगर निगम ने जलभराव की समस्या से निपटने मानसून से पहले नालों की सफाई पर 72 लाख रुपये खर्च किए हैं। इसके बावजूद मंगलवार को बारिश में शहर की गलियों से मुख्य सड़कों पर जलभराव हुआ। शहर के पॉश मॉडल टाउन क्षेत्र में ऐसा ही हाल रहा। डीएवी डेंटल कॉलेज के पास, गोबिंदपुरी रोड, प्रोफेसर कॉलोनी, नेहरू पार्क सहित अन्य तमाम स्थानों पर पानी भरा।
शहर की लाजपत नगर, विजय कॉलोनी के साथ पुराना हमीदा, कैंप, जम्मू कॉलोनी, लक्ष्मी गार्डन, बस स्टैंड, टैगोर गार्डन, बैंक कॉलोनी, गोबिंदपुरी रोड, शहीद भगत सिंह चौक, जमना गली, गोल्डन पुरी, खालसा कॉलेज चौक, आजाद नगर की सभी गलियां, पतालपुरी, प्रह्ललादपुरी, सावनपुरी, दुर्गा गार्डन, छोटी लाइन, रेलवे रोड बाजार, सिविल लाइन्स सहित तमाम स्थानों पर जलभराव हुआ। यह वह कॉलोनियां हैं, जिनके करीब से नाले बहते हैं। नालों का पानी ओवरफ्लो होने से जलभराव हुआ।
पार्षदों से उनके क्षेत्र में जलभराव की मांगी है। इसके कुछ मुख्य कारणों का पता चला है। इसमें सही तरीके से सफाई न हो भी एक कारण है। इसके जिम्मेदारों अधिकारी व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नालों की सफाई का दोबारा निरीक्षण कर समस्या का समाधान किया जाएगा। - सुमन बहमनी, मेयर।