संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले के राजकीय और एडिड महाविद्यालयों में स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन बार आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने के बावजूद अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं आए हैं। जिले के 12 कॉलेजों में उपलब्ध कुल 7,028 सीटों के मुकाबले अब तक 6,100 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार जिले के पांच राजकीय और सात एडिड कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। राजकीय महाविद्यालयों में 2,210 सीटें हैं, जबकि शेष सीटें एडिड कॉलेजों में हैं। अब तक राजकीय महाविद्यालयों में करीब 1,800 और एडिड कॉलेजों में लगभग 4,300 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदन कम रहने के कारण कई कॉलेजों में सीटें खाली रहने की आशंका बढ़ गई है।
सबसे खराब स्थिति राजकीय महाविद्यालय सरस्वतीनगर व प्रतापनगर की है, जहां आवेदन संख्या 50 तक भी नहीं पहुंच सकी है। वहीं, बीए और बीकॉम जैसे पारंपरिक पाठ्यक्रमों में सबसे कम रुचि देखने को मिली है। इसके विपरीत रोजगारपरक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में आवेदन अपेक्षाकृत बेहतर रहे हैं।
एडिड कॉलेजों में भी नियमित पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन उम्मीद से कम आए हैं। आवेदन संख्या कम रहने के चलते उच्च शिक्षा विभाग को प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि तीन बार बढ़ानी पड़ी। इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। अब विभाग निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
शेड्यूल के अनुसार 21 जुलाई को अनंतिम चयन वरीयता सूची जारी की जाएगी और 22 जुलाई को अंतिम चयन सूची प्रकाशित होगी। चयनित विद्यार्थियों के दाखिले 23 जुलाई से शुरू होकर 27 जुलाई तक होंगे। इसी अवधि में विद्यार्थियों को अपनी प्रवेश फीस भी जमा करनी होगी। 27 जुलाई फीस जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
रोजगारपरक कोर्सों की ओर बढ़ा रुझान : डॉ. वाजपेयी
शिक्षाविद डॉ. पीके वाजपेयी ने बताया कि पारंपरिक पाठ्यक्रमों की घटती मांग, रोजगारपरक कोर्सों की ओर बढ़ता रुझान तथा निजी एवं अन्य संस्थानों में प्रवेश के विकल्पों के कारण सरकारी और एडिड कॉलेजों में आवेदन अपेक्षा से कम रहे हैं। यदि आगामी चरणों में भी आवेदन संख्या नहीं बढ़ी तो जिले के कई महाविद्यालयों में बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रह सकती हैं।