यमुनानगर। कुपोषण को खत्म करने और बच्चों व गर्भवती महिलाओं तक पोषण योजनाओं का लाभ पहुंचाने में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हरियाणा की 59 आंगनबाड़ी वर्करों को दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान के तहत दो अप्रैल को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में इन वर्करों को सम्मान दिया जाएगा। इसी दिन देशभर में शुरू होने वाले पोषण पखवाड़ा अभियान का भी शुभारंभ होगा। दिल्ली जाने के लिए सभी को निमंत्रण मिल चुका है।
जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से कुपोषण को जड़ से खत्म करने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं को गांव स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने में आंगनबाड़ी वर्करों की अहम भूमिका रहती है। इसी कार्य के मूल्यांकन के आधार पर विभिन्न राज्यों से चयनित वर्करों को सम्मानित किया जा रहा है। प्रदेश से कुल 59 आंगनबाड़ी वर्करों का चयन किया गया है। इनमें अंबाला से पांच, भिवानी से दो, चरखी दादरी, फतेहाबाद, फरीदाबाद, कैथल, सिरसा और सोनीपत से एक-एक वर्कर शामिल हैं। इसके अलावा करनाल से 11, कुरुक्षेत्र से 13, महेंद्रगढ़ से छह, पंचकूला से तीन, रेवाड़ी से दो और रोहतक से छह आंगनबाड़ी वर्करों को सम्मानित किया जाएगा। यमुनानगर जिले से भी पांच आंगनबाड़ी वर्करों का चयन हुआ है। इनमें खंड सरस्वतीनगर के गांव पिंजौरा में कार्यरत प्रवेश कुमारी, नगला जागीर की गुरजिंद्र कौर, व्यासपुर खंड के गांव भवानीपुर की अंजू, संधाय गांव की मुकेश कुमारी और रादौर के करेहड़ा मॉडल टाउन की वर्कर माफिआ शामिल हैं। संवाद
12 आंगनबाड़ी में से पांच का नाम किया गया फाइनल
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी मिक्षा रंगा ने बताया कि केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य कुपोषण को समाप्त करना है। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही बच्चों की ऊंचाई, वजन और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी का रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाता है, ताकि नियमित निगरानी की जा सके। आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यों का निरीक्षण करने के लिए पिछले वर्ष मिजोरम से दो बार और एक बार थर्ड पार्टी टीम जिले में आई थी। टीम ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर लाभार्थी बच्चों की माताओं, ग्रामीणों और आंगनबाड़ी वर्करों से बातचीत की। इसके साथ ही रिकॉर्ड की जांच की और बच्चों की ऊंचाई व वजन से संबंधित जानकारी भी ली। उन्होंने बताया कि निरीक्षण और मूल्यांकन के बाद जिले की 12 ग्राम पंचायतों की आंगनबाड़ी वर्करों का चयन किया गया था। इनमें से पांच वर्करों को अंतिम रूप से सम्मान के लिए चुना गया है। कार्यक्रम में सम्मानित होने वाली आंगनबाड़ी वर्करों के साथ संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच या पंच और बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को भी दिल्ली भेजा जाएगा।