नगर निगम क्षेत्र की संपत्तियाें की बनाई आईडी में दिए ब्योरा दुरुस्त करने के लिए नगर निगम के तीनों कार्यालयों में दो दिन के शिविर संपन्न हो गए। रविवार को दूसरे दिन तीनों जगह शिविर में 528 संपत्तियों के ब्योरे में सुधार के लिए आपत्तियां दर्ज हुईं। जिनमें से अफसरों ने 445 का मौके पर निपटान का दवा किया, वहीं 83 का निपटान होना बाकी है। इस तरह दो दिन में दर्ज 920 आपत्तियों में 774 को मौके पर ठीक किया गया। निगम अफसरों की मानें तो शेष 146 आपत्तियां का भी जल्द निपटान होगा। बतां दे कि शनिवार को कुल 392 लोगों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थी। इनमें से 329 की गलतियों को मौके पर ठीक कराया गया। बाकी 63 का निपटान भी किया जा रहा है। शिविर के दूसरे दिन मेयर मदन चौहान ने भाई कन्हैया साहिब चौक स्थित निगम कार्यालय में शिविर का जायजा लिया और अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। निगम आयुक्त आयुष सिन्हा के निर्देश पर अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार व उप निगम आयुक्त अशोक कुमार ने भी नगर निगम कार्यालय यमुनानगर, नगर निगम कार्यालय कन्हैया साहिब चौक व नगर निगम कार्यालय जगाधरी का जायजा लिया। उन्होंने शिविर में पहुंचे लोगों से बातचीत कर उनकी समस्या का समाधान कराया।
दो दिन के शिविर में सबसे अधिक लोग अपनी प्रॉपर्टी आईडी में मालिक नाम, संपत्ति के आकार बदलने की आपत्तियां लेकर पहुंचे। इसके अलावा कईयों की संपत्तियों के क्षेत्र को आईडी में अवैध दर्शाए जाने पर भी कई लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई। सभी कतारबद्ध तरीके से आपत्तियां दर्ज कर पाए, इसके लिए तीनों जगह शिविर में टोकन सिस्टम रखा गया। तीनों जगह लोगों की सुविधा के लिए शीतल पेयजल, बैठने के लिए कुर्सियां व बेंच व अन्य व्यवस्था नगर निगम की ओर से की गई।
वार्ड-4 से पार्षद देवेंद्र सिंह, 7 से रामआसरा भारद्वाज, 8 से विनोद मरवाह, 13 से निर्मल चौहान ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र की संपत्तियों के सर्वे का काम एजेंसी से कराया गया था। सर्वे से पहले निगम एरिया में 1.66 लाख संपत्तियां थीं, जो सितंबर-2021 में सर्वे पूरा होने पर बढ़कर 178795 हो गईं। 12795 नई प्रॉपर्टी सर्वे से निगम के रिकॉर्ड में आईं, पर नई व पुरानी संपत्तियां की बनी ज्यादातर आईडी में संपत्तियों का ब्योरा गलत है। जिसे ठीक कराने के लिए लोग एक साल से धक्के खा रहे हैं। अब भी हजारों लोग ऐसे हैं, जिनकी प्रॉपर्टी आईडी में सुधार होना बाकी है, जिसके लिए ऐसे दो दिन के शिविर नाकाफी है। इसके लिए वार्डों में कॉलोनी वाइज शिविर लगाए जाने की जरूरत है।