यमुनानगर। अमेरिका की पीआर (परमानेंट रेजिडेंस) लगवाने के नाम पर दंपती समेत आठ लोगों ने अंबाला के बाकरपुर निवासी बलविंद्र से 50 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीआर लगवाने के लिए दो साल तक उसे झूठे आश्वासन दिए। उसे फर्जी वीजा तक दिया, लेकिन आरोपियों ने उसके परिवार की पीआर नहीं लगवाई। बलविंद्र ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद उसने आईजी को इसकी शिकायत दी। आईजी के आदेश पर शहर थाना पुलिस ने मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अंबाला के गांव बाकरपुर निवासी बलविंद्र सिंह ने शहर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह जमींदार है और बोरवेल व ट्रांसपोर्ट का भी काम करता है। मार्च 2018 में उसकी मुलाकात जितेंद्र उर्फ बॉबी से हुई। आरोपी ने उसे बताया था कि उसका अंबाला में एक होटल है। जिसमें उसने बोरवेल लगवाना है। जब वह होटल में बोरवेल लगाने का काम कर रहा था तो जितेंद्र व उसके पत्नी जसविंद्र कौर ने उसे कहा कि वे लोगों को विदेश भेजने का भी काम करते थे। यदि वह अमेरिका जाना चाहता है, तो वे उसके पूरे परिवार की पीआर लगवा सकते हैं। इस दौरान आरोपी जितेंद्र ने अपने साले इंद्रपाल सिंह और उसकी रिश्तेदार बलविंद्र कौर से मिलाया। अमेरिका की पीआर लगवाने की एवज में आरोपियों ने उसे 50 लाख रुपये का खर्च बताया। बलविंद्र सिंह ने बताया कि उनकी बातों में आकर वह पीआर लगवाने के लिए तैयार हो गया।
अप्रैल 2019 में वह शहर के एक होटल में आरोपियों से मिला। यहां पर आरोपियों ने उनके दस्तावेज, पासपोर्ट, फोटो और 20 लाख रुपये नकद ले लिए। जबकि करीब 20 लाख इंद्रपाल सिंह के खाते में ट्रांसफर किए। पैसा लेने के बाद आरोपियों ने जून 2019 में फिर से उन्हें यमुनानगर बुलाया। यहां से उन्हें दिल्ली इंटरव्यू के लिए भेजा। इससे पहले पांच लाख और लिए। यह पैसा बलविंद्र कौर के खाते में डलवा दिया। यहां से आरोपी उन्हें दिल्ली लेकर गए। वहां पर आनंद नारंग नाम का व्यक्ति मिला। उसने भी बतौर वीजा फीस के रूप में दो लाख रुपये लिए। कुछ दिनों में पूरा काम होने का आश्वासन दिया। कुछ दिनों बाद दोबारा फिर से शहर में मिलने के लिए बुलाया। यहां पर उसे व उसकी पत्नी को पांच वर्ष का वीजा दे दिया और कहा कि दो महीने बाद टिकट लेकर अमेरिका चले जाना। वहां पर उनका आदमी मिलेगा। जब दो माह बाद टिकट कराने के लिए गया, तो वहां पर पता लगा कि उसका वीजा फर्जी है। इस बारे में आरोपियों से बात की, लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। परेशान होकर उसने अपने रुपये वापस मांगे, तो आरोपी उसे धमकी देने लगे। उसने आइजी को इस मामले की शिकायत की थी। आईजी के आदेश पर शहर थाना पुलिस ने आरोपी नई दिल्ली निवासी जितेंद्र, उसकी पत्नी जसविंद्र कौर, साले इंद्रपाल, इंद्रपाल की पत्नी राजिंद्र कौर, रिश्तेदार जसबीर कौर, बलविंद्र कौर, सुनील छाबड़ा व आनंद नारंग के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर थाना प्रभारी कमलजीत सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।