तांत्रिक क्रिया कर घर में सुख शांति लाने और दबा सोना व खजाना निकालने का झांसा देकर दो लोगों ने पिरथीपुर निवासी धर्म सिंह से 42 लाख 60 हजार रुपये ठग लिए। आरोपियों ने उसे खोदाई कराने के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग से भी अनुमति दिलवाने और घर से निकले गहनों को पुरातत्व विभाग से पास करवाने का भी झांसा दिया गया। बिलासपुर थाना पुलिस ने मामले में दोनों आरोपी युवकों पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी पर पहले भी धोखाधड़ी के कई केस दर्ज है।
गांव पिरथीपुर निवासी किसान धर्म सिंह ने थाना बिलासहपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जून 2022 में उसके घर अचानक सांप निकलने लगे। कभी पांच तो कभी 18 से 20 सांप घर में निकलते थे। पशु बीमार रहने लगे। तीन गाय भी मर गई। उसका भाई कर्म सिंह भी बीमार हो गया। इस बारे में उसने जानकारों से बात की तो वह कहने लगे कि किसी कर्मकांड करने वाले से घर दिखवा लो। जिस पर वह गांव भोजपुर निवासी रोहित से मिला। रोहित ने उसे बताया कि वह मौलवी का कार्य करता है। आरोपी के साथ गांव भटली निवासी आकाश भी था। आरोपियों ने उसे बताया कि उसके घर में जिन्न का वास हो सकता है। इसके लिए घर में जाकर देखना होगा। 16 जून 2022 को रोहित व आकाश उसके घर पहुंचे।
रोहित चार सिगरेट जलाकर घर के बीच में बैठ गया। उसने एक शराब की बोतल, मीठा पान, सात मिठाइयां, काला कपड़ा रख लिया और सिगरट पीता रहा। उसने कुछ इत्र छिड़का व मिठाई पढ़कर परिवार के लोगों को दी। आरोपी ने घर का चक्कर लगाकर कहा कि यहां पर पुराने खजाने की सात हांडी दबी हुई हैं। इस खजाने पर ही जिन्न का वास है। जब तक वह खजाना नहीं निकलेगा परेशानी दूर नहीं होगी। कई लोगों की मौत भी हो सकती है। इसलिए पीर साहब व देवबंद मदरसा से इजाजत लेकर इलाज शुरू करना होगा। धर्म सिंह ने बताया कि दोनों कई बार उन्हें उत्तर प्रदेश में कलियर पीर साहब की दरगाह पर लेकर गया। आरोपी ने पुरातत्व विभाग से घर की खोदाई की अनुमति दिलाने व घर से निकलने वाले जेवरात को बिकवाने के नाम पर भी रुपये वसूलने शुरू कर दिए। आरोपी ने सबसे पहले उनसे पुखराज मंगवाने के नाम पर 84 हजार रुपये लिए।
धर्म सिंह ने बताया कि 24 जून की रात रोहित उनके घर आकर तांत्रिक क्रिया करने लगा। आरोपियों ने उन्हें खाने को मिठाई दी। उसे खाते ही सब बेहोश हो गए। सुबह जब वे होश में आए तो मकान में खुदाई हो चुकी थी। आरोपियों के हाथ में एक हांडी थी। जिसमें 10-12 सिक्के व अशरफियां थी। उन्हें बताया कि यह हांडी उनके घर की खुदाई में निकली है। आरोपियों ने उन्हें अपने एक जानकार अमित नाम के सुनार के पास सिक्कों व अशरफियों की जांच कराने भेजा। उसने इसे शुद्ध सोना बताया। बाकी हांडियों को निकालने के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग से अनुमति के नाम पर उनसे करीब 42 लाख रुपये ले लिए।
धर्म सिंह ने बताया कि घर से उसने खोदाई कर पांच हांडियां और निकाली। हांडियों में जेवरात थे। इन जेवरातों को भी वे अमित सुनार के पास लेकर गए तो उसने कहा कि इन्हें पास कराने के लिए पुरातत्व विभाग को 40 प्रतिशत कमीशन देना पड़ेगा। आरोपी जेवरात की रकम दिलाने के नाम पर टाल मटोल करने लगे। शक होने पर उसने जांच कराई तो पता चला कि सारे जेवरात पीतल की धातु से बने थे। उसने आरोपी से बात कर अपने रुपये वापस मांगे। लेकिन आरोपियों ने रुपये नहीं दिए। उन्होंने आरोपी के गांव में पंचायत की। उस समय वह रुपये वापस करने के लिए तैयार हो गया, परंतु बाद में मुकर गया और उसे जान से मारने की धमकी देने लगा।