यमुनानगर। यमुनानगर और जगाधरी शहर की आधी आबादी को मानसून में बाढ़ का खतरा है। ऐसा जिला प्रशासन की फ्लड कंट्रोल ऑर्डर में जारी रिपोर्ट बायना कर रही है। इसमें ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) के दस किलोमीटर के दायरे में बाढ़ संभावित 38 इलाके बताए गए हैं। बावजूद इसके इनमें अधिकांश क्षेत्र ऐसे हैं, जहां गत वर्षों में मानसून के दौरान जलभराव की वजह रहे नाले अभी भी गंदगी से भरे हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि हरियाणा में 27 जून को मानसून दस्तक देगा। यानी मानसून को चार दिन ही शेष हैं। हालांकि मानसून में जलभराव से बचाव के लिए यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र के नालों की सफाई नगर निगम 50.33 लाख के ठेके पर करवा रहा है। यह काम देरी से गत 12 जून को शुरू हुआ, जिससे अभी तक कई बड़े व मध्यम नालों की सफाई नहीं हुई, वहीं अन्य नालों की भी पहले चरण में ही सफाई हो पाई है।
नालों की सफाई तीन चरण में होती है। कई बड़े व मध्यम नालों में अभी भी गाद, कचरा नजर आ रहा है। इसके अलावा इस बार छोटे नाले भी सफाई ठेके में शामिल नहीं हैं, वो भी गंदगी से अटे हैं। जबकि चार दिन बाद मानसून की दस्तक के साथ लगातार कई दिन बारिश के आसार हैं। इससे पहले नालों की स्थिति न सुधरी तो यह जलभराव के रूप में शहर के लिए बड़ी मुसीबत बन सकते हैं। संवाद
यमुनानगर व जगाधरी में यह बाढ़ संभावित इलाके
फ्लड कंट्रोल ऑर्डर में जगाधरी में बस स्टैंड, हनुमान मंदिर प्रकाश चौक, झंडा चौक, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस रोड, इंदिरा मार्केट, पुरानी घास मंडी, रेलवे बाजार, बूड़िया चुंगी समीप श्मशान घाट रोड, यमुनानगर में शहीद भगत सिंह चौक, मॉडल टाउन का मेला सिंह व रिक्शा चौक, खालसा कॉलेज रोड, दशमेश कॉलोनी, थापर कॉलोनी, यमुना गली, प्रोफेसर कॉलोनी, गोबिंदपुरी रोड की पुलिया, जब्बीवाला गुरुद्वारा समीप पुलिया, संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल समीप, श्यामनगर, टैगोर गार्डन व पुराना एनएच-73, लाजपत नगर, हरीनगर, मिश्रा कॉलोनी, विजय कॉलोनी, शंकर स्कूल समीप बाईपास, गुलाब नगर, विश्वकर्मा चौक व पुराना एचएच-73, वीना नगर कैंप, कांसापुर, तिलक नगर, शिवपुरी, अमरपुरी, इंडस्ट्रियल एरिया, गुड़ मंडी व ग्लोब इंडस्ट्री बाढ़ संभावित क्षेत्र हैं।
आठ वर्षों से ज्यादा बारिश जगाधरी खंड में
फ्लड कंट्रोल ऑर्डर में वर्ष 2016 से 2023 तक मानसून सीजन में हुई बारिश का खंडवार आंकड़ा दिया है। इससे पता चलता है कि आठ वर्षों में जुलाई, अगस्त व सितंबर माह में सबसे अधिक बारिश जगाधरी खंड में हुई। वर्ष 2022 में जगाधरी में 780, छछरौली में 588, बिलासपुर में 443, साढौरा में 565, सरस्वती नगर में 527, रादौर में 584, प्रतापनगर में 574 एमएम बारिश हुई। ऐसे ही वर्ष 2021 में जगाधरी में जगाधरी में 715, छछरौली में 545, बिलासपुर में 583, साढौरा में 547, सरस्वती नगर में 495, रादौर में 548, प्रताप नगर में 552, वर्ष 2022 में जगाधरी में 695, छछरौली में 631, बिलासपुर में 444, साढौरा में 540, सरस्वती नगर में 543, रादौर में 529, प्रतापनगर में 761, वर्ष 2023 में जगाधरी में 1146, छछरौली में 905, बिलासपुर में 828, साढौरा में 899, सरस्वती नगर में 883, रादौर में 881, प्रतापनगर में 1194 एमएम बारिश हुई।
नालों की सफाई के लिए चुनाव आचार संहिता के दौरान ही विशेष मंजूरी लेकर निविदा प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद से बड़े व मध्यम नालों की सफाई ठेके पर और छोटे नालों की सफाई निगम स्तर पर कराई जा रही है। यह काम मानसून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।