संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। प्राथमिक शिक्षा में गुणवत्ता सुधार व हर बच्चे का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से प्राथमिक पाठशालाओं के बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 14 व 15 नवंबर को बाल दिवस पर होना है। इसके लिए निदेशालय की ओर से सभी जिला समन्वयक व मौलिक शिक्षा अधिकारी को आदेश दिए हैं। जिले में 591 प्राथमिक पाठशाला में 35 हजार विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाएगा।
यह कार्यक्रम पहले विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए किया जाना था, लेकिन अब इसके तहत सभी बच्चों का मूल्यांकन होगा। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए अगल अध्यापक हैं। परंतु अब सभी अध्यापक इस मूल्यांकन में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सीडब्ल्यूएसएन की पहचान के लिए किया जाना है।
इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना है, जो पढ़ाई-लिखाई या दैनिक गतिविधियों व कार्यों में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना कर रहे हैं। इस मूल्यांकन के बाद ऐसे बच्चों को विशेष सहायता व शिक्षण सहयोग प्रदान किया जाएगा। जिला एफएलएन समन्वयक संजीव सैनी ने बताया कि सुबह साढ़े आठ से साढ़े 11 बजे तक पाठशालाओं में गतिविधियां करवाई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि इसमें हौसलों का रंग कहानी सुनाना, एक हाथ से चुनौती सपनों की उड़ान, भरोसे के कदम यानी आंख पर पट्टी बांधकर चलना, वस्तुओं का ज्ञान देने के लिए बूझो तो जाने, मूक संवाद इशारों में बात करना, धुंधले अक्षरों को पढ़ना, सबके रंग सबकी चमक इंद्रधनुषी दीवार इत्यादि रचनात्मक व रोचक कार्यक्रम करवाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों में परस्पर सहयोग की भावना का विकास करना है। ताकि बच्चे किसी के प्रति हीनभाव न रखें और सभी को बढ़ने, पढ़ने और साथ समझने के समान अवसर मिले। उमूल्यांकन के लिए शिक्षकों को परिशिष्ट में दिए नियमों का पालन करना होगा। सभी पाठशालाओं में निपुण हरियाणा शिक्षक एप में एकीकृत प्रशस्त-1 उपकरण का उपयोग कर पहली से पांचवीं तक बच्चों की जांच की जाएगी। इस दौरान शिक्षकों को बच्चों के बोलने, सुनने, समझने सहित अन्य कार्यों में उनका व्यवहार व संलिप्ता पर ध्यान देना होगा।