यमुनानगर। कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्रतिदिन मृतकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को 22 लोगों के शव का अंतिम संस्कार कोरोना गाइडलाइन के तहत किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से मरने वाले सात शवों की पुष्टि की है, जबकि तीन शव दूसरे राज्य से हैं। शुक्रवार को 376 कोरोना के नए केस मिले हैं, जबकि 346 संक्रमित मरीजों ने कोरोना को मात दी है। अब तक 19,901 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं, जबकि 17,634 स्वस्थ हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, लक्ष्मी गार्डन निवासी 78 वर्षीय कोरोना संक्रमित वृद्ध की मौत अंबाला के अस्पताल में हुई है। गांव बालचौर निवासी 75 वर्षीय वृद्ध की मौत मुलाना मेडिकल स्कूल में हुई है। वृद्ध शुगर सहित अन्य बीमारियों से ग्रसित था। अग्रसेन गार्डन निवासी 82 वर्षीय कोरोना संक्रमित वृद्ध की मौत संतोष अस्पताल में हो गई। वृद्ध हाइपरटेंशन का बीमार था। त्यागी गार्डन निवासी 68 वर्षीय वृद्ध की मौत संतोष अस्पताल में हो गई। वृद्ध को शुगर थी। पुराना हमीदा निवासी 60 वर्षीय वृद्धा की मौत जिला अस्पताल में हो गई। रामनगर निवासी 68 वर्षीय वृद्ध की मौत कपूर अस्पताल व संत नगर निवासी 66 वर्षीय वृद्ध की मौत जिला अस्पताल में हो गई। जानकारी के अनुसार, गनौली से 56 वर्षीय महिला, दसोरी से 24 वर्षीय महिला, अमादलपुर से 43 वर्षीय अधेड़, मुस्तफाबाद से 46 वर्षीय अधेड़, बाल छप्पर से 73 वर्षीय वृद्ध, लेबर कॉलोनी से 48 वर्षीय अधेड़, रेलवे कॉलोनी से 68 वर्षीय वृद्ध, गोविंदपुरी से 64 वर्षीय वृद्धा, गोविंदपुरा से 68 वर्षीय वृद्ध, फर्कपुर से 44 वर्षीय अधेड़, कृष्णा कॉलोनी से 50 वर्षीय अधेड़ व पुराना हमीदा निवासी 68 वर्षीय कोरोना संक्रमित का अंतिम संस्कार कोरोना गाइडलाइन के तहत किया गया, जबकि बहराइच निवासी 67 वर्षीय वृद्धा, सरसावा से 46 वर्षीय अधेड़ व सहारनपुर के फतेहपुर निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति का अंतिम संस्कार कोरोना गाइडलाइन के तहत किया गया।
स्वास्थ्य हेल्थ सेंटर से नहीं मिली मदद, वृद्ध की हुई मौत
यमुनानगर। कोरोना स्वास्थ्य हेल्थ सेंटरों पर भी अब लोगों को मदद नहीं मिल पा रही है। अस्पतालों में बेड के लिए चक्कर काट रहे एक व्यक्ति की मौत होने का मामला सामने आया है। परिजनों को आरोप है कि यह सेंटर किसी काम के नहीं हैं। बेड के लिए कॉल की थी तो उन्होंने साफ कह दिया कि सरकारी में कोई बेड नहीं है। निजी अस्पताल में मरीज को ले जा सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि निजी अस्पतालों की जानकारी भी उनके पास नहीं थी। पटेल नगर निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति के परिजनों का आरोप है कि तीन बार कंट्रोल रूम में कॉल की गई। शुक्रवार की सुबह करीब छह बजे उनकी मौत हो गई। मरीज को सांस लेने में परेशानी हुई थी। बाद में परिजनों ने उनका संस्कार कर दिया। मृतक के बेटे राजू ने बताया कि उसके पिता की तबीयत वीरवार देर रात को खराब हुई। उनका ऑक्सीजन लेवल 50 हो गया। सांस लेने में परेशानी हो रही थी। परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन वहां पर उन्हें बेड नहीं मिला और वह वापस घर आ गए। दूसरे अस्पताल में भी परिजनों ने प्रयास किया, लेकिन बेड नहीं मिला। परेशानी बढ़ती देख जानकारों से ऑक्सीजन सिलिंडर का इंतजाम किया और मरीज को घर ले गए। ऑक्सीजन लगाने के लिए जब तक चिकित्सक पहुंचता तब तक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। राजू ने बताया कि कोविड कंट्रोल रूम के नंबर 9817664700 पर तीन बार कॉल की। सरकारी अस्पतालों में बेड फुल होने की बात कही। कंट्रोल रूम पर कॉल रिसीव करने वालों ने साफ कह दिया कि किसी निजी अस्पताल में लेकर चले जाओ। सरकारी में बेड नहीं है।
सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में 1976 एक्टिव केस हो गए हैं, जिनमें से 1498 संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है। जिले में अभी तक दो लाख 97 हजार 888 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें से दो लाख 71 हजार के 463 की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि 3482 संदिग्धों की रिपोर्ट लंबित है।
बकाना गांव में 248 लोगों के सैंपल
रादौर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव बकाना में 248 लोगों के सैंपल लिए गए थे, जिसमें से शुक्रवार को 6 महिलाओं सहित 12 लोग कोरोना वायरस की बीमारी से संक्रमित पाए गए हैं। वहीं कोरोना वायरस की बीमारी को लेकर शुक्रवार को ही शहर में एक 85 वर्षीय वृद्ध व गांव बकाना में एक 48 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना वायरस की बीमारी के चलते मौत हो गई, जिससे उपमंडल में अब कोरोना वायरस की बीमारी से मरने वालों का आंकड़ा 23 तक पहुंच गया है। मृतकों का शहर के शमशान घाट में नगरपालिका के दरोगा जितेंद्र सिंह बिट्टू व अन्य कर्मचारियों की टीम ने अंतिम संस्कार किया। उधर महामारी को लेकर प्रशासन की ओर से एसडीएम सुरेंद्रपाल, एसएमओ डॉ. विजय परमार, डॉ. पल्लवी, थाना प्रभारी सुखविंद्र शर्मा ने रादौर के मेन बाजार व गांव बकाना में कंटेनमेंट जोन का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को महामारी को लेकर सचेत रहने व अपने घरों तक ही सीमित रहने की अपील की। एसएमओ डॉ. विजय परमार ने बताया कि प्रशासन की ओर से उपमंडल के गांव बकाना के सरकारी स्कूल में संक्रमित लोगों के लिए 40 बेड का आइसोलेट सेंटर बनाया गया है, जिनमें उनके रहने व खाने की व्यवस्था की गई है।
गांव बकाना व अन्य गांवों में संक्रमित लोगों के पास आइसोलेट होने के लिए जगह की कमी होने पर आइसोलेट सेंटर में उन्हें रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि उपमंडल में कोरोना वायरस से 134 लोग संक्रमित हैं, जिसमें से 131 लोगों को घर पर आइसोलेट किया गया है। वहीं 3 लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अब तक उपमंडल में 1272 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं, जिनमें से 1119 लोग बीमारी को मात देकर ठीक हो चुके हैं। उपमंडल में महामारी से अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। उपमंडल में अब तक 25201 लोगों के महामारी को लेकर सैंपल लिए जा चुके हैं।