हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने सोमवार को 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। जिले का परिणाम 85.17 प्रतिशत रहा। बेहतरीन परिणाम आने पर राजकीय स्कूलों के प्रभारियों व विभाग अधिकारियों ने राहत की सांस ली। हालांकि पिछली बार की अपेक्षा इस बार परिणाम में तीन फीसदी की गिरावट आई है, लेकिन फेल फीसद घटा है। चूंकि रि-अपीयर की अपेक्षा फेल विद्यार्थियों की संख्या कम है। वहीं दूसरी तरफ इस बार परिणाम फीसदी घटने के बाद भी जिला प्रदेश में एक पायदान ऊपर आ गया है। पिछली बार जिले का परिणाम 88.47 प्रतिशत था और जिला प्रदेश में आठवें नंबर पर था। जबकि इस बार परिणाम में 3.30 प्रतिशत की गिरावट आई है, लेकिन जिला एक पायदान चढ़कर प्रदेश में सातवें नंबर पर आया गया है। बता दें कि शिक्षामंत्री का गृह जिला होने के कारण जिले का परिणाम बेहतर हुआ है। जबकि 2019 से पहले जिले की हालात बेहद खस्ता थी और जिला सबसे नीचे के पायदान पर था। इसके बाद 2019 में जिला शिक्षामंत्री बना गृह क्षेत्र बना तो परिणाम में तूफानी बढ़ोतरी हुई। जिले के परिणाम में 30 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ। सत्र 2022-23 में जिले से कुल 9614 विद्यार्थियों ने परीक्षा थी। जिसमें 8181 ने पास उतीर्ण की, जबकि 1026 विद्यार्थी नॉन क्वालिफाई श्रेणी में हैं।
हरियाणा बोर्ड की परीक्षा में जिला 2016 से फिसड्डी रहा। इस दौरान जिले का परिणाम इतना बुरा रहा है कि 22 जिलों में यमुनानगर का स्थान 20वां था। इसके कोरोना संक्रमण के बाद जिले के परिणाम में भारी बढ़ोतरी हुई। जहां जिले का परिणाम 55 फीसदी था, वह बढ़कर 88 प्रतिशत तक पहुंच गया था। 12वीं के परिणाम में जिला 2016 से फिसड्डी की फेहरिस्त में रहा है। 2016 में जिले का परिणाम 55.35 प्रतिशत था और जिला प्रदेश में 19वें स्थान पर था। जबकि 2017 में 53.79 प्रतिशत से 20वें स्थान पर रहा। वहीं 2018 में 54.76 पास प्रतिशत के साथ 19वें स्थान पर यमुनानगर रहा। 2019 के बाद जिले के परीक्षा परिणाम में सुधार हुआ।
वर्ष विद्यार्थी पास रि-अपीयर फेल
2016 9784 5415 2100 2269
2017 8367 4501 2096 1758
2018 8444 4853 2268 1722
2019 7031 4660 1280 1091
2020 8239 7053 - -
2021 कोरोना संक्रमण के चलते वार्षिक परीक्षा नहीं हुई।
2022 11560 10227 1057 276
-