संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तेजली गांव में टाइफाइड का कहर जारी है। मंगलवार को इनकी संख्या 65 तक पहुंच गई। सोमवार को 35 केस मिले थे। उधर, टाइफाइड के केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। ऐसे में जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. वागीश गुटेन के नेतृत्व में स्वास्थ्य व आशा वर्कर टीम तेजली गांव पहुंची।
इस दौरान 180 घरों का सर्वे किया गया, जिनमें लगभग 1300 लोग रहते हैं। जांच करने पर इनमें 65 लोग बुखार के रोगी मिले। जिसमें से 40 खून के और 11 पानी के सैंपल लिए गए हैं। जोकि फेल आए। रिपोर्ट के मुताबिक घरों में सप्लाई हो रहा पानी पीने लायक नहीं है। इतना ही नहीं जांच करने पर दो जगहों पर पानी की लीकेज भी मिली है।
तेजली गांव में जो लोग बीमार पाए गए हैं, कुछ का सरकारी तो कुछेक लोगों का उपचार निजी अस्पतालों में चल रहा है। कई बच्चों व महिलाओं को ग्लूकोज लगाई जा चुकी है। अचानक एक साथ कई टाइफाइड के केस सामने आने से तेजली गांव के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। चूंकि इससे पहले टाइफाइड से संबंधित इतने मामले नहीं आए थे।
उधर, स्वास्थ्य विभाग ने गांव को दौरा कर जनस्वास्थ्य विभाग को स्वच्छ पानी की सप्लाई उपलब्ध कराने के लिए लिख दिया गया है। सिविल सर्जन डाॅ. पूनम चौधरी ने बताया कि गांव तेजली में बुखार के केस निकलने की सूचना मिली थी जिसकी जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तेजली का सर्वे किया। टीम में डॉ. वागीश गुटेन, महामारी रोग विशेषज्ञ दिनेश शर्मा, डॉ. भारती, अवतार सिंह, जयदीप, तीन एएनएम और छह आशा वर्कर शामिल रहीं।
सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि पब्लिक हेल्थ की सप्लाई के पानी को उबालकर पीने और बासी खाना ना खाएं, साफ-सफाई का ध्यान रखें, खाना खाने से पहले और शौच जाने के बाद हाथों को साबुन से अच्छे से धोएं, यदि किसी व्यक्ति को बुखार की शिकायत होती है तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर इलाज कराएं।