संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के तहत चलाया जा रहा निरीक्षण अभियान अभी अधूरा है। जिले में संचालित करीब 950 स्कूल बसों में से अब तक केवल 655 बसों की ही जांच हो सकी है, जबकि 295 बसें अब भी निरीक्षण के दायरे से बाहर हैं। ऐसे में बच्चों की सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से गठित टीमों ने जून 2026 तक 124 स्कूलों की 655 बसों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर 24 बसों के चालान भी किए गए। निरीक्षण में मुख्य रूप से बसों का बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, फर्स्ट एड किट, अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी डोर तथा अन्य अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई।
निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार जिन बसों के पास बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र या परमिट नहीं मिले, उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई। वहीं अन्य कमियां मिलने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन को 10 दिन के भीतर खामियां दूर करने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए गए। तय समय में कमियां दूर नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
भिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में निरीक्षण प्रक्रिया और अधिक तेज व नियमित होनी चाहिए ताकि सभी स्कूल वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हो सकें। स्कूल बसों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता के साथ-साथ दस्तावेजों का वैध होना और वाहनों की तकनीकी स्थिति ठीक होना बेहद जरूरी है। ऐसे में प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि शेष 295 बसों का निरीक्षण जल्द पूरा कर सभी स्कूल वाहनों को सुरक्षा मानकों के दायरे में लाया जाए।
संयुक्त टीमें चला रहीं जांच अभियान : हैरतजीत कौर
जिला परिवहन अधिकारी हैरतजीत कौर का कहना है कि सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के तहत एसडीएम की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें स्कूल बसों की जांच अभियान चला रही हैं। जुलाई माह के दौरान जिले की सभी स्कूल बसों का निरीक्षण पूरा कर अभियान समाप्त किया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिन बसों में फिटनेस, परमिट, बीमा या अन्य सुरक्षा संबंधी खामियां मिल रही हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।