यमुनानगर। लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए आंकड़ों के आधार पर जिले में 20 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इनमें महाराणा प्रताप चौक से विश्वकर्मा चौक तक एक किलोमीटर और गाबा अस्पताल से कमानी चौक तक का एक किलोमीटर का हिस्सा सबसे अधिक संवेदनशील पाया गया है। महाराणा प्रताप चौक से विश्वकर्मा चौक दो साल में 51 सड़क दुर्घटनाओं में 27 लोगों की मौत हो चुकी है।
शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर सबसे बड़ी चिंता खुले कट बने हुए हैं। कन्हैया साहिब चौक से लेकर विश्वकर्मा चौक तक कई स्थानों पर खुले कट होने के कारण वाहन चालक शॉर्टकट के लिए गलत दिशा में प्रवेश कर रहे हैं। इससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच टक्कर का खतरा लगातार बना रहता है। व्यस्त समय में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर सीधे कट से निकल जाते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को कट बंद करने या सुरक्षित यू-टर्न बनाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। नागरिकों का कहना है कि अनियंत्रित कट और यातायात नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह है।
इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस के अनुसार चिन्हित 20 ब्लैक स्पॉट में से कई स्थानों पर सुरक्षा सुधार कार्य जारी है, जबकि कुछ स्थानों पर प्रस्तावित कार्य फिलहाल रोक दिए गए हैं। लोगों का कहना है कि जब तक खुले कट बंद नहीं किए जाते और ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित नहीं किया जाता, तब तक हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाना मुश्किल होगा। सड़क सुरक्षा के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाना समय की मांग बन गया है।
कन्हैया साहब चौक से विश्वकर्मा चौक तक बने खुले कट सड़क हादसों को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं। वाहन चालक शॉर्टकट के लिए गलत दिशा में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे टक्कर का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले कट बंद कर सुरक्षित यू-टर्न बनाए जाएं। उनका आरोप है कि सड़क सुरक्षा के दावों के बावजूद इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है। संवाद
गाबा अस्पताल से महाराणा प्रताप चौक मार्ग भी दुर्घटना बाहुल्य
शहर के गाबा अस्पताल से महाराणा प्रताप चौक तक का मार्ग भी जिले के सबसे संवेदनशील ब्लैक स्पॉट में शामिल है। वर्ष 2022 से 2024 के बीच इस सड़क पर 35 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 11 लोगों की मौत हो गई। लगातार हो रहे हादसों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यातायात सुधार, सुरक्षित कट और प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन के बिना इस मार्ग पर दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा।
सड़क सुरक्षा की बैठक में यातायात सुरक्षा को लेकर दिए गए निर्देशों का संबंधित विभागों की ओर से कराया जा रहा काम प्रगति पर है। यातायात नियमों का पालन करने के लिए नागरिकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। - संदीप कुमार, प्रभारी यातायात
चांदपुर में रेलवे ब्रिज से पहले कट से गुजरते वाहन। संवाद- फोटो : SAMVAD
चांदपुर में रेलवे ब्रिज से पहले कट से गुजरते वाहन। संवाद- फोटो : SAMVAD