यमुनानगर/जगाधरी वर्कशाप। पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी व जिले में हुई बरसात से मौसम का मिजाज बदल गया। चौबीस घंटे से चल रही बरसात से अधिकतम तापमान करीब पांच डिग्री गिर कर 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वीक एंड होने की वजह से लोग घरों में ही दुबके रहे और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम रही। हालांकि बरसात से गेहूं की फसल को फायदा मिलेगा। जिले में शुक्रवार रात आठ बजे से शनिवार आठ बजे तक औसतन 50 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई।
शुक्रवार शाम को हल्की बूंदाबांदी हुई, जोकि रात को फिर से शुरू हो गई। बरसात का सिलसिला शनिवार दोपहर बाद तक चलता रहा। 24 घंटों में औसतन करीब 50 एमएम बरसात दर्ज हुई। इससे अधिकतम तापमान गिर कर 17 तथा न्यूनतम तापमान गिर कर 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जिसकी वजह से लोग अपने घरों में ही दुबके रहे। उधर, मौसम विभाग चंडीगढ़ का पूर्वानुमान है कि रविवार को भी हल्की बरसात हो सकती है। साथ ही अगले दो दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे। जिससे मौसम में ठंडक बनी रहेगी और अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री के आस पास रहेगा।
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छछरौली में हुई सबसे अधिक बरसात:
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में शुक्रवार रात आठ बजे से शनिवार सुबह आठ बजे तक औसतन 30 एमएम बरसात दर्ज की गई। सबसे अधिक 40 एमएम बरसात छछरौली ब्लॉक में हुई। इसी तरह जगाधरी ब्लॉक में 37, बिलासपुर में 19, साढौरा में 36, सरस्वती नगर में 24 तथा रादौर में 21 एमएम बरसात रिकार्ड की गई। शनिवार को भी जिले के सभी खंडों में दिन भर रुक-रुक बरसात होती रही। शनिवार को दिन भर औसत 20 एमएम बारिश होने का अनुमान जताया जा रहा है।
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जलभराव से हुई समस्या:
शनिवार को तेज मूसलाधार बरसात नहीं हुई, मगर इसके बावजूद कई निचली कालोनियों में जलभराव हो गया। जिससे लोगों को आने जाने परेशानियों का सामना करना पड़ा। दशमेश कालोनी के लोगों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ा। कालोनी निवासी अमित, आदित्य, राकेश कुमार, हरप्रीत सिंह ने बताया कि कालोनी से नाला गुजरता है, जिसकी दो साल से सफाई नहीं हुई। हल्की सी बरसात में नाला ओवरफ्लो हो जाता है और गंदा पानी सड़क पर आ जाता है। शनिवार को भी नाले में बहने वाला गोबर सड़क पर आ गया। इससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई।
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दामला में गिरे ओले
रादौर। शनिवार को क्षेत्र में दिन भर हुई बारिश से तापमान में गिरावट आने पर ठंड बढ़ गई है। वहीं बारिश होने से गेहूं की फसल को फायदा मिलेगा। बारिश से गेहूं की फसल के उत्पादन पर अच्छा असर पड़ेगा। हालांकि बारिश से कच्चे आलू की फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा बारिश होने से क्षेत्र में गन्ने की छिलाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है और बारिश के कारण शनिवार को अधिकतर गांव में गन्ने की छिलाई का कार्य बंद रहा।
गांव फतेहगढ़ निवासी पंच रतनलाल, सरपंच महिंद्र पाल, गुरनाम सिंह, संजय सैनी, रमेश कुमार व श्यामसिंह ने बताया कि शनिवार तड़के से ही क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई, जोकि जो दिन भर चलती रही। अधिक बारिश के कारण आलू की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि यदि बारिश एक दो दिन ओर हुई तो आलू की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। उधर, गेहूं उत्पादक किसान सुखबीर सिंह दारसी, धर्मबीर, धर्म सिंह, जसविंद्र सिंह व मलखान सिंह ने बताया कि ठीक समय पर बारिश होने से गेहूं की फसल को लाभ मिला है। कई दिनों से क्षेत्र में गर्मी पड़ने से गेहूं की फसल को नुकसान हो रहा था। बारिश होने से ठंड बढ़ी है। यह ठंड गेहूं की फसल के लिए लाभकारी साबित होगी। उधर, दामला निवासी अनेज कांबोज ने बताया कि शनिवार सुबह तीन बजे दामला व आसपास के क्षेत्र में लगभग आधा घंटा बरसात के साथ ओले पड़े थे। ओले पड़ने से सरसों की फसल पर आया फूल झड़ गया है। इससे सरसों की फसल के उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा। बरसात से गन्ने की छिलाई बंद होने से मजदूर दिन भर खाली रहे। गन्ना छिलाई कर रहे मजदूर इस्लाम, नदीम, अकरम, वसीम, मोहम्मद ने बताया कि वह यूपी से रादौर क्षेत्र में गन्ने की छिलाई करने आए हैं। शनिवार क ो बारिश के कारण छािलाई नहीं हो पाई।