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Yamuna Nagar News: विशेष सर्जरी शिविर में छह दिन में 210 ऑपरेशन

Fri, 13 Feb 2026 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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जिला अस्पताल में विशेष कैंप के दौरान ओटी के बाद लगी भीड़। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। आयुष्मान कार्ड धारकों को राहत देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से पांच से 11 फरवरी तक जिले में विशेष सर्जरी कैंप लगाया गया। छह दिन चले इस अभियान के दौरान जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर और उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी में कुल 210 सर्जरी की गईं।
सामान्य दिनों की तुलना में सर्जरी की रफ्तार ज्यादा रही, जिससे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे मरीजों को बड़ी राहत मिली। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिला नागरिक अस्पताल में 160 और एसडीएच जगाधरी में 50 सर्जरी की गईं। विशेषज्ञता के आधार पर देखें तो सबसे अधिक 88 आंखों (ऑफ्थल्मोलॉजी) की सर्जरी जिला अस्पताल में हुईं।
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इसके अलावा गाइनोकॉलॉजी की 49 (जिला अस्पताल में 20, जगाधरी में 29), जनरल सर्जरी की 62 (जिला अस्पताल में 41 व जगाधरी में 21) और आर्थोपेडिक्स की 11 सर्जरी की गईं। कुल मिलाकर एक सप्ताह में 210 मरीजों का ऑपरेशन किया गया। पहले दिन 32 सर्जरी, दूसरे दिन 53 सर्जरी, तीसरे दिन 20 सर्जरी, चौथे दिन 38 सर्जरी, पांचवें दिन 30 सर्जरी, छठे दिन 37 सर्जरी की गई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सामान्य दिनों में जिला नागरिक अस्पताल में औसतन 15 से 18 सर्जरी प्रतिदिन होती हैं, लेकिन विशेष कैंप के दौरान यह संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ी। कैंप का उद्देश्य बढ़ती वेटिंग को कम करना और आयुष्मान कार्ड धारकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना था, जिसे काफी हद तक पूरा किया गया।
गौरतलब है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 11 प्रमुख बीमारियों का उपचार निजी अस्पतालों में बंद हो जाने के बाद मरीजों की निर्भरता सरकारी अस्पतालों पर बढ़ गई है। इससे जिला अस्पतालों में सर्जरी के मामलों में दबाव बढ़ा और वेटिंग सूची लंबी हो गई थी। ऐसे में विशेष सर्जरी कैंप मरीजों के लिए राहत लेकर आया।
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सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत पात्र मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। विशेष कैंप के माध्यम से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया गया। भविष्य में भी आवश्यकता अनुसार इस तरह के कैंप आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसी भी मरीज को इलाज के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
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