संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। कस्बा की अनाज मंडी में अब तक दो लाख 10 हजार क्विंटल धान पहुंच चुका है। जिसमें से मात्र 97 हजार क्विंटल की ही खरीद हो पाई है। किसानों के अनुसार जिस प्रकार से मौसम में गरमाहट है। ऐसे में कभी भी भी बारिश के आसार बन सकते हैं। जिससे मंडी में पड़ा धान भीग सकता है। संबंधित विभाग की सुस्त चाल किसानों के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है।
अनाज मंडियों में धान की आवक जोरों पर है। खेतों में धान कटाई का काम तेजी से हो रहा है। जिस तेजी से धान मंडियों में आ रहा है उस तेजी से उठान नहीं हो पा रहा है। प्रतापनगर, खारवन व छछरौली मंडियां धान से अटी पड़ी हैं। मंडियों में आने-जाने वाले रास्तों पर भी धान ही धान दिखाई दे रहा है।
लिफ्टिंग की व्यवस्था सही न होने से न सिर्फ किसान बल्कि आढ़तियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जो धान शुरू में आया था वह अभी भी मंडियों में भरा पड़ा है। सड़कों पर भी धान ही धान बिखरा हुआ है। मार्केट कमेटी सचिव ऋषिराज यादव ने बताया कि प्रतापनगर अनाज मंडी में 2.10 लाख क्विंटल में से 97 हजार क्विंटल की खरीद की जा चुकी है। जबकि छछरौली अनाज मंडी में 2.33 लाख व खारवन मंडी में 31 हजार क्विंटल धान की आवक हुई है।