संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अयोध्या में श्रीराम मंदिर में भगवान श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन जिले में 21 बच्चों का जन्म हुआ। इस दिन बच्चों के आगमन से उनके परिजनों में खुशी का माहौल देखा गया। वहीं कुछ परिजन ऐसे भी थे जो राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन डिलीवरी कराना चाहते थे, लेकिन डॉक्टरों ने ऐसा करने से मना कर दिया। ऐसा करके डॉक्टर बच्चों की जान के साथ कोई खिलवाड़ नहीं करना चाहते थे।
जिले में इस दिन गर्भवतियों की सबसे ज्यादा डिलीवरी राठी अस्पताल में हुई। यहां नौ बच्चों का जन्म हुआ। वहीं मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में चार बच्चों का जन्म हुआ। इसके अलावा गाबा अस्पताल में तीन, एसपी अस्पताल में एक व ईशान अस्पताल जगाधरी में दो बच्चों का जन्म हुआ।
गाबा अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गीतिंद्र कौर गाबा ने बताया कि उनके पास तीन-चार लोग ऐसे आए थे जिनमें महिलाओं की डिलीवरी में अभी समय था। परंतु वह ऑप्रेशन के माध्य से 22 जनवरी को ही बच्चे के जन्म होने की मांग पर अड़े थे। परंतु उन्होंने ऐसा करने से साफ इंकार कर दिया। दरअसल समय से पहले जन्म होने से बच्चे की जान को खतरा हो सकता है। वह दूसरे अस्पताल में गए या नहीं इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।