माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। भारतीय किसान यूनियन नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की अगुवाई में मंगलवार को मिल्क माजरा टोल प्लाजा से किसानों का काफिला दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना हुआ। सुबह दस बजे ही किसान टोल प्लाजा पर जमा होने लगे थे। चढूनी ने बताया कि 22 जुलाई से 13 अगस्त तक 200 किसानों का जत्था प्रतिदिन शांतिपूर्ण तरीके से संसद का कूच करेगा।
किसान नेता चढ़ूूनी ने कहा कि पहले पंजाब में चुनाव है और फिर लोकसभा चुनाव है। तब तक सरकार बदलाव लाकर दिखाए व सरकार विकास का मॉडल पेश करें, तभी जनता आगामी चुनाव में सरकार का अनुसरण करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इतने किसानों की मौत पर भी नहीं पिघल रही। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मिशन यूपी चला रहे हैं, लेकिन पहले मिशन पंजाब चलाया जाना चाहिए। यही राजनीति को बदलने की सीढ़ी होगी। भारतीय किसान यूनियन के डायरेक्टर मनदीप रोड छप्पर ने कहा कि जिले से तकरीबन 2 हजार वाहन सिंघु बॉर्डर पहुंचेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने 22 जुलाई को संसद कूच का आह्वान किया है। इस प्रदर्शन के लिए बाकायदा किसानों के आईडी कार्ड बनाए जा रहे हैं, ताकि किसानों की आड़ में उपद्रव मचाने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान हो सके।
मनदीप ने कहा यह मुहिम जनता की थाली में रोटी बचाने को लेकर भी है, ताकि गरीब जनता की थाली में पड़ी रोटी की कीमत वो व्यक्ति न लगाएं जो किसान नहीं बल्कि तिजोरी भरने के लिए बैठा है। उन्होंने कहा कि जब भी किसानों की आवाज उठाई जाती है तो उसे दरकिनार कर दिया जाता है। अगर भविष्य में किसानों को पार्टी भी बनानी पड़ी तो उससे पीछे नहीं हटेंगे। इस दौरान किसान नेता संजू गुंदियाना, सुभाष गुर्जर, हरपाल सुढैल, मंडी एसोसिएशन रादौर के प्रधान संजय गुप्ता, आढ़ती गुरनाम सिंह, राजेश कांबोज, शिवकुमार संधाला, करनैल सिंह, रामसिंह जत्थेदार, निर्मल कलेसरा, कर्मबीर, धर्मपाल गुंदयाना, जोगिन्द्र गुंदयाना, ईश्वर सिंह, कृष्णपाल सुढैल आदि मौजूद रहे।
रादौर में किसानोें के जत्थे का स्वागत
रादौर। यमुनानगर से दिल्ली बॉर्डर जा रहे जत्थे का कांबोज धर्मशाला के बाहर क्षेत्र के किसानों, आढ़तियों ने स्वागत किया। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राजनीति में असंतुलन को खत्म करने के लिए चुनाव में उतरना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब देश आजाद हुआ था, तब कहा जाता था कि लोगों का राज, लोगों के द्वारा और लोगों के लिए था। अब उल्टा हो चुका है। कारपोरेट का राज, कारपोरेट के द्वारा और कारपोरेट के लिए हो गया है। उन्होंने कहा कि किसान मोर्चा मिशन उत्तर प्रदेश के तहत यूपी में बीजेपी को हराने की नीति पर काम करेगा, जबकि वे मिशन पंजाब के जरिए अपने बीच से ही लोगों को चुनाव में उतारने की बात कह रहे हैं। क्योंकि इससे पहले कई राज्यों में हार का सामना करने के बाद भी भाजपा सरकार ने इन कानूनों को रद्द नहीं किया है, इसलिए हमारे बीच से ही किसी को चुनाव में उतरना होगा। संवाद