यमुनानगर। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से बाडी माजरा में करीब 95 करोड़ रुपये की लागत से 20 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) क्षमता का नया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाया जाएगा। एसटीपी में सीवरेज के पानी को शोधित करने के बाद इसे शहर से करीब 13 किलोमीटर दूर लापरा के पास यमुना नदी में छोड़ा जाएगा। इससे डिच ड्रेन पर पानी का दबाव कम होगा।
जनस्वास्थ्य विभाग ने नए एसटीपी का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी। स्वीकृति के बाद निविदा के माध्यम से एसटीपी लगाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। नए एसटीपी से शोधित पानी को यमुना तक पहुंचाने के लिए करीब 13 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
यह पाइपलाइन शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर जमीन के नीचे दबाई जाएगी। पाइपलाइन जगाधरी के परवालो क्षेत्र से होते हुए पांसरा तक जाएगी और इसके बाद शोधित पानी को यमुना नदी में छोड़ा जाएगा। इससे शहर के सीवरेज नेटवर्क से निकलने वाले पानी के प्रबंधन में मदद मिलेगी।
यमुनानगर शहर से करीब 56 एमएलडी और जगाधरी से 21 एमएलडी पानी सीवरेज से निकलता है। करीब इतना ही पानी नालों का भी है। वर्तमान में शहर के अलग-अलग हिस्सों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी ट्रीट करने के बाद डिच ड्रेन के माध्यम से की जाती है। संवाद
जम्मू कॉलोनी में बन रहा 77 एमएलडी का एसटीपी
शहर में एक अन्य बड़े एसटीपी का निर्माण जम्मू कॉलोनी में चल रहा है। करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से 77 एमएलडी क्षमता का यह एसटीपी 10 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है। विभाग के अनुसार इसके निर्माण का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना का काम जुलाई 2025 में शुरू किया गया था और इसे पूरा करने की निर्धारित समयसीमा जून 2027 तक है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि निर्माण कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा करते हुए इसे इसी साल अक्तूबर तक तैयार कर दिया जाएगा।
बाडी माजरा में करीब 95 करोड़ रुपये के 20 एमएलडी क्षमता के नए एसटीपी का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - दिनेश गाबा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग यमुनानगर