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7 दिन में 2 घंटे बिजली, बिन पानी सूखे कंठ

Wed, 15 Jul 2015 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
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आठ गांवों में सात दिन से बाधित बिजली आपूर्ति सुचारु न करने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को उक्त गांवों से दर्जनों ग्रामीणों ने भाकियू के नेतृत्व में एनएच-73 स्थित खेड़ा पावर हाउस पर पांच घंटे तक डेरा डाले रखा। इस दौरान एसडीओ विशाल सैनी व थाना सदर जगाधरी प्रभारी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी एसडीओ के आश्वासन के बावजूद गांवों में बिजली आपूर्ति सुचारु होने तक पावर हाउस पर डटे रहे। दोपहर करीब एक बजे बिजली आने पर ग्रामीण पावर हाउस से गांवों में लौट गए।

काठवाला फीडर के अंतर्गत आने वाले गांव कैल, छज्जू नगला, टीन का माजरा, शाहपुर, हरनौली, काठवाला, खुंडेवाला व भटौली के कुछ क्षेत्र में करीब सात दिन से बिजली आपूर्ति बाधित थी। ग्रामीणों की मानें तो सप्ताह में करीब दो घंटे ही बिजली मिल पाई। इस संबंध में उन्होंने बिजली निगम के जेई व एसडीओ को अवगत भी कराया।
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बावजूद इसके उनकी समस्या का समधान नहीं किया गया। इसी के रोष में उक्त साभी गांवों से दर्जनों ग्रामीण बुधवार को भाकियू के कृष्णपाल सुढैल के नेतृत्व में एनएच-73 (चंडीगढ़-रूड़की) स्थित भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) 220 केवी ग्रिड सब स्टेशन पर जमा हुए। बिजली निगम द्वारा सात दिन से बिजली आपूर्ति सुचारु न करने के विरोध में गुस्साए ग्रामीण पावर हाउस के बाहर ही डेरा डालकर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी।

जाम की चेतावनी पर पुलिस बल सहित पहुंचे एसडीओ
पावर हाउस के बाहर प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जाम लगाने की चेतावनी दी। इसकी सूचना पाकर पुलिस बल सहित थाना सदर जगाधरी प्रभारी व बिजली निगम के एसडीओ विशाल सैनी  मौके पर पहुंचे। उन्होंने गुस्साए ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण तुरंत बिजली आपूर्ति सुचारु करने की मांग पर अड़ गए। एसडीओ विशाल सैनी ने उन्हें कहा कि तकनीकी खराबी से यह दिक्कत आई है। इसे जल्द दुरुस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि बीते दिनों की जो बिजली आपूर्ति बंद रही। उसके एवज में आगे शेड्यूल के अलावा उक्त गांवों में अतिरिक्त घंटे बिजली दी जाएगी। इस पर ग्रामीण शांत हुए, किंतु बिजली आपूर्ति के पूरी तरह सुचारु होने तक पावर हाउस पर ही डटे रहे। इसके बाद करीब एक बजे गांवों में बिजली आने पर ही सभी ग्रामीण वहां से वापस लौट गए।

पानी बगैर जीना हुआ मुहाल
ग्रामीण अशोक, करनैल, सतबीर, युद्धवीर, अमरीक सिंह ने कहा कि सात दिन से बिजली न के बराबर रही रही। इससे आठ गांवों सहित आसपास के क्षेत्रवासी गर्मी से बेहाल हैं, तो पानी को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। पानी के बिना पेयजल संकट गहरा गया है और घर पर साफ-सफाई कपड़े व बर्तन धोने व नहाने जैसे काम भी नहीं हो पा रहे हैं। इसके अलावा खेतों में सही प्रकार से सिंचाई न हो पाने से फसलें प्रभावित हो रही हैं। इस संबंध में बिजली निगम अधिकारियों को सूचित करने पर भी कोई सुध नहीं ली गई। इस बारे में जब भी निगम अधिकारियों को फोन करते हैं, तो वह या तो फोन उठाते नहीं और अगर फोन उठाते भी हैं, तो अभद्रता से बात करते हैं।
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वर्जन
काठवाला फीडर के अंतर्गत आने वाले गांवों में तकनीकी खराबी के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। इसे सुचारु करने के लिए कार्य चल रहा था, दोपहर तक बिजली चालू कर दी गई।
विशाल सैनी, एसडीओ, बिजली निगम।
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