यमुनानगर।
नगर निगम के सर्वे में ओल्ड आबादी देह के अवैध मिले 1900 एकड़ क्षेत्र को वैध करने के प्रस्ताव को सरकार से मंजूरी मिल गई है। इससे यह क्षेत्र भी अब वैध कहलाएंगे। साथ ही इनमें विकास कार्य कराने और जमीन बेचने व खरीदने में परेशानी नहीं होगी। ऐसे ही सर्वे में अवैध मिली 100 कॉलोनियों को भी वैध करने की तैयारी है, जिनके प्रस्ताव दो सप्ताह में सरकार को भेजे जाएंगे। इससे यहां भी वो सभी विकास कार्य हो सकेंगे, जो अवैध होने के कारण संबंधित विभागों के अफसर चाहकर भी नहीं कर पाते।
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के अंतर्गत वर्ष-2018 में 69 कॉलोनियां वैध की गईं। इसके बाद वर्ष 2023 अप्रैल में पहले 35 फिर अगस्त में 36 कॉलोनियां वैध की गईं। अन्य अवैध कॉलोनियां और क्षेत्र को वैध कराने के लिए निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने ड्रोन सर्वे सहित मार्किंग का निर्णय लिया था, जिससे वैध होने की शर्तें पूरी करने वाली कॉलोनियों व क्षेत्र को वैध करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाए। अक्तूबर-2023 में अनुमानित 48.35 लाख के खर्च पर सर्वे कराने को नगर निगम ने ई टेंडर लगाया और एजेंसी से ड्रोन सर्वे सहित मार्किंग व जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) का काम कराया गया।
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अभी तक अवैध होने के कारण उक्त क्षेत्र और कॉलोनियों में अधिकांश जगह गलियों, नालियों व सीवरेज जैसी मूलभूत जरूरतें पूरी नहीं हैं और न अन्य विकास कार्य हो पाए हैं। इससे करीब एक लाख की आबादी प्रभावित है। निवासी गलियों, नालियों व सीवरेज की समस्याएं लेकर नगर निगम व जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग के पास जाते हैं पर क्षेत्र व कॉलोनियां अवैध होने के कारण अफसर चाहकर भी समाधान नहीं कर पाते हैं। अब वैध होने से उक्त क्षेत्र व कॉलोनियों में यह परेशानी नहीं होगी। संवाद
वैध करने को दो सप्ताह में भेजेंगे सौ कॉलोनियों के प्रस्ताव
निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि सर्वे से शहर के ओल्ड आबादी देह में 1900 एकड़ क्षेत्र अवैध मिले थे, जिसे वैध करने का प्रस्ताव निगम अफसरों ने सरकार को भेजा था। इस पर मंजूरी के बाद ये क्षेत्र वैध घोषित कर दिए गए हैं। सर्वे में अवैध मिली सौ कॉलोनियों का भी ब्योरा तैयार किया गया है, जिन्हें वैध करने का प्रस्ताव भी जल्द सरकार को भेजा जाएगा।