संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों ने सात मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। मंगलवार से सभी मेडिकल स्टोर बंद रखे जाएंगे। हड़ताल को लेकर सोमवार को जिला यमुनानगर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी लघु सचिवालय में डीसी को ज्ञापन देंगे।
इस वक्त करीब 1800 मेडिकल स्टोर जिले में हैं। जिन पर रोजाना दवाइयां लेने के लिए मरीजों की भीड़ लगी रहती है। जिला यमुनानगर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन मेडिकल स्टोर संचालक पुलकित की गिरफ्तारी का विरोध कर रही है। गत सप्ताह ही पुलिस ने पुलकित को गिरफ्तार किया था। एसोसिएशन के पदाधिकारी इसके विरोध में 29 अप्रैल को लघु सचिवालय में डीसी से भी मिले थे।
पदाधिकारियों ने डीसी को बताया था कि पुलकित की गिरफ्तारी गलत तरीके से की गई है। पुलिस ने उसे फंसाया है और उसे जेल भी भेज दिया गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार डीसी ने उन्हें दो दिन में पुलकित को रिहा करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद वह एसपी से भी मिले। परंतु पुलकित को अभी तक रिहा नहीं किया गया।
जिला यमुनानगर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महासचिव राजकुमार बंसल ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक को जांच में शामिल किए बगैर गिरफ्तार किया गया है। मौके पर ड्रग कंट्रोलर को नहीं बुलाया गया। दुकान की चाबी पुलिस साथ ले गई। पुलिस की इस तरह की कार्रवाई उनको समझ नहीं आई। पूर्व में पकड़े गए एक चिकित्सक के बयान पर गिरफ्तार कर लिया गया। इसलिए सभी केमिस्ट ने सात मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
यह है मामला
स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम ने 16 अप्रैल को भाटिया नगर में क्लीनिक संचालक डॉ. रविंद्र मलिक को लोगों को लड़का होने की दवाई देते हुए पकड़ा था। तब उसके क्लीनिक से कुछ प्रतिबंधित नशीली दवाइयां भी मिली थी। डॉ. मलिक ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि उसके क्लीनिक पर पुलकित प्रतिबंधित नशीली दवाइयां सप्लाई करता था। पुलकित का प्यारा चौक पर जय मां वैष्णो के नाम से मेडिकल स्टोर है। इस पर पुलिस ने आरके पुरम कॉलोनी जोड़ियों निवासी 26 वर्षीय पुलकित को गिरफ्तार कर लिया था।