छछरौली। नेशनल हाईवे 73-ए पर ताजेवाला से लाल ढांग तक वाइल्ड लाइफ द्वारा बनवाए गए स्पीड ब्रेकर राहगीरों के लिए दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। नेशनल हाईवे पर बनाए गए स्पीड ब्रेकरों पर रिफलेक्ट पेंट की बजाय सामान्य पेंट किया गया है। जो कुछ ही दिन में दिखाई देना बंद हो गया। दिखाई न देने की वजह से वाहन अनियंत्रित होकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। वहीं वाइल्ड लाइफ ने नेशनल हाईवे पर कई जगह स्पीड ब्रेकर तो बनवा दिए, लेकिन चेतावनी बोर्ड कहीं पर भी नहीं लगवाए। इसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। वाइल्ड लाइफ द्वारा बनाए गए स्पीड ब्रेकरों की वजह से हो रही दुर्घटनाओं से लोगों में रोष है।
हादसों से वाहन चालकों में रोष
स्पीड ब्रेकर की वजह से दुर्घटना का शिकार हुए गुरप्रीत, हरप्रीत, पम्मी, बलदेव सिंह ने बताया कि वह लुधियाना पंजाब के रहने वाले हैं और वह हर साल अपने परिवार समेत पोंटा साहिब गुरुद्वारा में मत्था टेकने जाते हैं। इस बार नेशनल हाईवे पर ताजेवाला से लाल ढांग तक करीब 6-7 किलोमीटर के एरिया में जगह-जगह स्पीड ब्रेकर बनवा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार समेत तीन गाड़ियों में सवार होकर पोंटा साहिब जा रहे थे। कलेसर वाइल्ड लाइफ कार्यालय के पास बना स्पीड ब्रेकर जो सड़क पर चलते हुए बिल्कुल भी नजर नहीं आता। जब हमारी कार स्पीड ब्रेकर के पास पहुंची तो आगे चल रही कार ने स्पीड ब्रेकर देखते ही एकदम से ब्रेक लगानी पड़ी। जब हमारी कार स्पीड ब्रेकर के पास पहुंची तो पीछे वाली कार अगली कार से टकरा गई, जिसमें काफी नुकसान हो गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। उनका कहना है कि हमारे साथ कारों में छोटे-छोटे बच्चे भी थे। गनीमत यह रही कि सामने वाली कार पलटी नहीं, वर्ना बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि कार में छोटे-छोटे बच्चे वह महिलाएं बैठी हुई थी।
रिफ्लेक्टर पेंट नहीं, इसलिए दिखाई नहीं देते
उन्होंने बताया कि नेशनल हाईवे पर कहीं पर भी स्पीड ब्रेकर नहीं है। यहां पर पहली बार देखा गया है कि नेशनल हाईवे पर स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं, जोकि राहगीरों के लिए बहुत ही खतरनाक हैं। इनकी वजह से कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इसकी तरफ ध्यान देना चाहिए और नेशनल हाईवे से स्पीड ब्रेकरों को तुरंत हटाना चाहिए या जिस जगह पर स्पीड ब्रेकर लगे हुए हैं उन पर रिफलेक्ट पट्टी और चेतावनी बोर्ड जरूर लगाए जाएं। ताकि वाहन चालक व सवारियां किसी हादसे का शिकार ना हो। इस बारे में वाइल्ड लाइफ के पीसीसीएफ वीरभान तंवर का कहना है कि कलेसर नेशनल पार्क एरिया में ओवरस्पीड के कारण जंगली जीव जंतु दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे थे। जिसमें अभी कुछ दिन पहले एक तेंदुआ भी एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गया था। जंगली जीव जंतुओं की सुरक्षा को देखते हुए स्पीड को कंट्रोल रखने के लिए नेशनल हाईवे पर स्पीड ब्रेकर बनवाए गए हैं।