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रेलवे के पास नहीं स्टेशन पर काम करने वाले वेंडरों की जानकारी

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यमुनानगर। रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस के पास वेंडरों और स्टॉल पर काम करने वाले कारिंदों की कोई जानकारी नहीं है। यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन पर किस स्टाल पर कितने वेंडर व हॉकर यात्रियों को खानपान की सुविधा दे रहे हैं, इसका किसी तरह का कोई ब्योरा नहीं है। ऐसे में यह वेंडर यात्रियों की जान माल पर खतरा बनकर मंडरा रहे हैं। आए दिन खानपान ठेकेदारों की ओर से नया व्यक्ति अपना नुमाइंदा बनाकर खड़ा कर दिया जाता है। किस स्टॉल पर व्यक्ति कब से काम कर रहा है, कहां का रहने वाला है और उसका चरित्र कैसा है इसका दूर-दूर से कोई सरोकार नहीं है। केवल मजिस्ट्रेट रेड के दौरान पकड़े जाने पर ही इन वेंडरों का पता चल पाता है।
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कई बार मिल चुकी है रेलवे स्टेशन उड़ाने की धमकी
यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन को कई बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। पत्र के माध्यम से कई बार रेलवे अधीक्षक, जीआरपी को रेलवे स्टेशन को आतंकी संगठनों द्वारा बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। आज तक इसका पता नहीं चल पाया है कि पत्र कहां से भेजा गया है। ऐसे में वेंडर की आड़ में बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा सकता है।
स्टेशन पर हुए हैं जहरखुरानी के कई मामले
वेंडर्स का रिकार्ड न होने से कोई भी वेंडर बन वारदात को अंजाम दे सकता है। स्टेशन पर जहरखुरानी के कई मामले सामने आ चुके हैं। अवैध वेंडरों के जरिए ऐसी वारदात को आसानी से अंजाम दिया जा सकता है। चूंकि यात्रियों को वैध व अवैध वेंडरों में फर्क कर पाना बड़ा मुश्किल है।
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यात्रियों के जान-माल पर खतरा
रेलवे की ओर से केवल एक साल के लिए वेंडर का मेडिकल किया जाता है। लेकिन इनका रिकार्ड न होने से यह यात्रियों के लिए खतरनाक हैं। यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का कीमती सामान चोरी, सामान बेचते समय रुपये में हेराफेरी व ट्रेन से सामान चोरी होने की वारदातें हो चुकी हैं। अकसर वेंडर यात्री को छुट्टे पैसे का हवाला देकर उनके रुपये लेकर फरार हो जाते हैं।
एक वेंडर को पकड़ा था जेबकतरे के साथ
कई साल पहले जीआरपी ने वेंडर को जेब कतरे के साथ पकड़ा था। लेकिन उस समय पीड़ित यात्री ने शिकायत देने से मना कर दिया था। जिसके बाद जीआरपी ने उसे स्टेशन पर काम न करने का कह कर वहां से खदेड़ दिया था। वह वेंडर जेब कतरों को पुलिस की जानकारी देता था और चोरी का माल छिपाता था।
आए साल बन जाता है नए व्यक्ति का मेडिकल
यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन पर चार खानपान स्टाल, एक मल्टीपर्पज स्टाल व सात ठेले हैं। इन सभी स्टाल व ठेलों पर कितने वेंडर काम करते हैं, कब से काम कर रहे हैं, मूलत: कहां के रहने वाले हैं। इस संबंध में कोई भी जानकारी आरपीएफ व जीआरपी के पास उपलब्ध नहीं है। वहीं रेलवे कैटरिंग ठेकेदार हर साल नये व्यक्ति का मेडिकल बना देते हैं। रेलवे अधिकारियों की ओर से ठेकेदारों से यह जानकारी नहीं ली जाती कि गत वर्ष मेडिकल प्राप्त वेंडर कहां गया और नये व्यक्ति का मेडिकल करवाया जा रहा है उसका चारित्रिक प्रमाण क्या है। प्रभारी थाना राजकीय रेलवे पुलिस जसविंद्र सिंह ने कहा कि जीआरपी इसे लेकर गंभीर व सजग है। जीआरपी स्टेशन पर काम करने वाले वेंडरों से अभियान चलाकर पूछताछ करती है। प्रयास रहता है कि स्टाल पर स्वच्छ छवि के वेंडर ही काम करें। ठेकेदार अपनी मर्जी से मेडिकल बनवाते हैं, लेकिन वेंडर की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है।
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