छछरौली। जिला प्रशासन ने कनालसी में सोमनदी में अवैध रूप से बनाए गया पुल प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस फोर्स की मौजूदगी में तोड़ दिया गया है। इस बार सिंचाई विभाग और प्रशासनिक टीम पूरी तैयारी के साथ एक्शन के मूड में कार्रवाई करने को पहुंची थी। बता दें कि कनालसी सोमनदी में कुछ लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए पानी की धारा मोड़ कर अवैध पुल बना दिया था। जो मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था और हाईकोर्ट में इस तरह पानी की धारा मोड़कर बनाए गए पुलों को अवैध बताया था। हाईकोर्ट ने सिचांई विभाग को इस तरह से बनाए गए अवैध पुलों को तोड़ने के आदेश जारी किए थे। जिसे लेकर सिंचाई विभाग व प्रशासनिक अधिकारी इससे पहले तीन बार कार्रवाई करने गए और कुछ लोगों के विरोध के कारण कार्रवाई सिरे नहीं चढ़ सकी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बिना कार्रवाई किए लौटना पड़ा था। रविवार को प्रशासन पूरी मजबूती के साथ पुलिस फोर्स को लेकर कनालसी सोमनदी में बनाए गए अवैध पुल गिराने पहुंचा। प्रशासन की कार्रवाई इतनी तेज थी कि विरोध करने वालों को समझने का समय ही नहीं मिला। प्रशासन ने पोकलेन लगाकर अवैध रूप से बनाया गया पुल ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की एक्शन मूड वाली कार्रवाई की क्षेत्र में पूरी चर्चा है। वहीं इस पुल ध्वस्त करने से ग्रामीण खफा नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल की मदद से किसान खेती के कार्य कर रहे थे। सिंचाई विभाग के एसडीओ जसविंदर का कहना है कि रविवार को प्रशासनिक अधिकारी पुलिस फोर्स की मदद से कनालसी में विवादास्पद सोमनदी पुल ध्वस्त कर दिया गया है। भविष्य में किसी को भी अपने निजी स्वार्थ के लिए नदी में रास्ता व पुल नहीं बनाने दिया जाएगा।