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-ओलावृष्टि और बारिश ने धोए किसानों के अरमान

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यमुनानगर। ओलावृष्टि व बरसात ने एक तरफ जहां लोगों को गर्मी से कुछ राहत दिलाई, तो दूसरी तरफ किसानों के लिए मुसीबत लेकर आई। जिससे किसानों की चिंता दोगुनी बढ़ गई। दरअसल, बुधवार की शाम साढ़े पांच बजे तेज हवाओं के झोंकों के साथ बरसात व ओलावृष्टि शुरू हो गई। यह ओलावृष्टि कहीं कम, कहीं ज्यादा हुई। लेकिन दो से तीन मिनट हुई वृष्टि ने फसल को नुकसान पहुंचाने का काम किया। वहीं खुले आसमान के नीचे मंडियों में पड़ा करीब हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया। बारिश में गेहूं भीग जाने से फसल को नुकसान होने का खतरा है। इससे किसानों को काफी नुकसान होने के आसार हैं। वहीं दूसरी तरफ बीती रात जिला के दो कस्बे रादौर व खिजराबाद में आगजनी की घटनाएं हुई। इससे 14 एकड़ में खड़े गेहूं में फाने व दो एकड़ में कटी पड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। जिला में पिछले दस दिन में अब तक 50 एकड़ फसल जलकर राख हो गई।
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दो जगहों पर आगजनी ही घटना
खिजराबाद। कस्बे में दो जगह पर खेतों में पड़ी गेहूं की फसल में लगी आग ने किसान की मेहनत को मिट्टी में मिला दिया। बीती रात किशनपुरा निवासी हैप्पी की फसल सवा 2 एकड़ में कटी पड़ी थी, रात को अचानक आग लग गई और फसल जलकर राख हो गई। हालांकि आगजनी की सूचना दमकल विभाग को दी गई थी, लेकिन जब तक दमकल कर्मी पहुंचे, तब तक फसल जल चुकी थी। ग्रामीण पवन गुप्ता, गौरव गुप्ता, महिपाल रोहिल्ला, सुलेख चंद धीमान व बलबीर कश्यप का कहना है की क्षेत्र में दमकल विभाग की एक गाड़ी की नियमित व्यवस्था होनी चाहिए। क्योंकि आगजनी की घटना होने पर दमकल विभाग की गाड़ी 20 किमी. से आती है ऐसे में उसे पहुंचने काफी समय लग जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि चार साल पहले खिजराबाद मंडी में दमकल विभाग की एक गाड़ी की व्यवस्था करवाई गई थी और इतेफाक से उस वर्ष क्षेत्र में आग की कोई घटना घटित नहीं हुई थी उसके बाद से खिजराबाद क्षेत्र में दमकल विभाग की गाड़ी की व्यवस्था नहीं करवाई गई।
14 एकड़ में खड़े गेहूं के फाने जले
रादौर। क्षेत्र में अज्ञात कारणों के चलते गांव पोटली, रतनगढ व दामला में आग लगने से लगभग 14 एकड़ में खड़े गेहूं के फाने व एक एकड़ का भूस जलकर राख हो गया। दमकल कर्मियों ने कई घंटे की कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। लेकिन इस आगजनी से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। मंगलवार की रात 12 बजे गांव पोटली किसान लोकेश कुमार निवासी रादौर के खेतों में अचानक आग लगने पर नौ एकड़ में खड़े गेहूं के फाने जलकर राख हो गए। वहीं, गांव रतनगढ़ माजरा में आग लगने से किसान रणबीर सिंह के एक एकड़ में खड़े गेहूं के फाने जल गए। इसी तरह गांव दामला में कुंजल रोड पर किसान सुरेन्द्र सिंह के चार एकड़ में खड़े गेहूं के फाने जलकर नष्ट हो गए।
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एसडीएम ने ली आढ़तियों की बैठक
उधर, रादौर अनाज मंडी में जाम की समस्या को लेकर एसडीएम कंवर सिंह ने आढ़तियों की बैठक ली। उन्होंने खरीद एजेंसियों व आढ़तियों को आदेश दिए कि मंडी में फड़ पर पड़े गेहूं के कट्टों का उठान जल्द से जल्द किया जाए। मंडी में आढती लेबर का पर्याप्त संख्या में प्रबंध करे। मंडी में रास्तों पर पड़े गेहूं के क्ट्टों को प्राथमिकता के आधार पर उठवाया जाए। ताकि मंडी में जाम की समस्या न रहे। उन्होंने बताया कि मंडी में इस समय तक तीन लाख 85 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक हो चुकी है। जबकि पिछले साल पूरे सीजन में मंडी में चार लाख 25 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी। उन्होंने बताया कि खरीद एजेंसी हेफेड की ओर से आढ़तियों की 21 अप्रैल तक का भुगतान कर दिया गया है। वहीं खरीद एजेंसी वेयर हाउस की ओर से आढ़तियों को 23 अप्रैल तक का भुगतान कर दिया गया है। मंडी में रोजाना 50 से 55 हजार गेहूं के कट्टों का उठान किया जा रहा है।
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ओलावृष्टि कम हुई है। ऐसे में फिलहाल गेहूं की फसल को कोई नुकसान नहीं है। ज्यादा हुई तो नुकसान हो सकता है। -डॉ. सुरेंद्र यादव, डीडीए, कृषि विभाग।
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