खिजराबाद। कलेसर क्षेत्र में तेंदुए ने फिर से आतंक मचा दिया है। गुरुवार शाम को जंगल से बकरियां चरा कर लौट रहे किसान और उसके मवेशयिों पर एक तेंदुए ने हमला बोल दिया। किसान ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई, लेकिन किसान की एक गर्भवती बकरी को तेंदुआ उठा ले गया और उसे मार दिया। तेंदुआ नौ माह की गर्भवती बकरी के गर्भ में पल रहे बच्चे को भी खा गया। सुबह किसान जंगल की तरफ से गए तो उन्हें बकरी का क्षति विक्षत शव पड़ा मिला। वहीं एक अन्य बकरी भी तेंदुए के हमले से बुरी तरह से जख्मी है। कई दिन पहले हाथियों का झुंड भी जंगल से निकल कर हाइवे पर आ गया था। जंगली जानवरों के रिहायशी क्षेत्र में आने से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। वहीं लगातार हो रही घटनाओं के बाद वाइल्ड लाइफ की तरफ से एडवाजरी जारी की गई है कि लोग जंगल की तरफ न जाएं। इसके बाद ग्रामीणों के शाम के बाद घर से निकलना बंद कर दिया है। खासकर बच्चों के घर से निकलने से मना किया जा रहा है।
किसान पर भी हमले का प्रयास
फैजपुर निवासी सलीम ने बताया कि उसने बकरियां पाल रखी है। जिनको वह हर रोज जंगल के आसपास व नदी के आसपास चराने ले जाता है। गुरुवार को वह अपनी बकरियों को ताजेवाला स्थित बेरी बाड़ा की ओर चराने ले गया। शाम के समय जब वह बकरियों को चराने के बाद वापस अपने घर की ओर ले जा रहा था तो रास्ते में एक तेंदुए ने उसकी गर्भवती बकरी को अपना शिकार बनाया। तेंदुए ने बकरी के गर्भ में पल रहे बच्चे को भी बाहर निकाल दिया और उसे बुरी तरह से घायल कर दिया। घायल बकरी ने वहीं पर दम तोड़ दिया। सलीम ने बताया कि उसने तेंदुए से बकरी को बचाने के लिए काफी प्रयास किए। लेकिन जब वह बकरी को बचाने जाता तो तेंदुआ उस पर भी हमला करने की कोशिश करता। काफी शोर मचाने के बाद वहां अन्य लोग आ गए। जिन्हें देख तेंदुआ वहां से भाग गया।
-जिला वन्य प्राणी निरीक्षक राजेश चहल का कहना है कि उनको जानकारी मिली थी कि जंगल में तेंदुए ने बकरी को अपना निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि यदि तेंदुआ बकरी को जंगल से बाहर अपना शिकार बनाता तो वह उसका मुआवजा दिलवा देते, लेकिन जंगल के अंदर तेंदुए द्वारा हुए शिकार के मामले में कोई कार्यवाही नहीं बनती। उन्होंने कहा कि लोगों को सलाह दी जाती है कि वे जंगल की तरफ न जाएं, क्योंकि इस समय तेंदुए व हाथियों के साथ-साथ अन्य जंगली जानवरों की संख्या बढ़ गई है। जंगल के आसपास रहने वाले लोग शाम के बाद सावधानी बरतें।