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फीस को लेकर अभिभावकों ने स्प्रिंग डेल्स स्कूल में किया हंगामा, स्कूल को जड़ा ताला

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अमर उजाला ब्यूरो
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यमुनानगर। फीस वृद्धि को लेकर गुस्साए अभिभावकों ने जगाधरी स्थित स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल में हंगामा कर स्कूल गेट का ताला जड़ दिया। हालांकि अभिभावकों को शांत करने के लिए स्कूल स्टाफ ने काफी प्रयास किए, लेकिन अभिभावक स्कूल चेयरमैन को मौके पर बुलाकर बातचीत करने के लिए अड़ गए। मामला बढ़ता देख स्कूल स्टाफ ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से फोन पर बातचीत की। प्रबंधन ने अभिभावकों को 30 मार्च को बातचीत करने की बात कही। जिसके बाद अभिभावक शांत हुए।

इस तरह से शुरू हुआ हंगामा
दरअसल, स्कूल में दाखिला करने का सीजन चल रहा है। इसी दौरान अभिभावक दाखिला करवाने आए थे। लेकिन जब उन्हें लगा कि फीस ज्यादा ली जा रही है तो वे बिफर पड़े। जिन्हें देखकर वहां मौजूद दूसरे अभिभावक भी उनके साथ हो गए। इसके बाद अभिभावकों ने हंगाम करना शुरू कर दिया। अभिभावक सुखदेव, सुखविंद्र, कृष्णा, सतींद्र सिंह व सुरेंद्र सिंह, अवतार सिंह आदि ने बताया कि स्प्रिंग डेल्स स्कूल प्रशासन उन पर अनावश्यक बोझ डाल रहा है। दाखिला फीस को बढ़ा दिया गया है। वार्षिक फीस भी 2100 से बढ़ाकर 2400 रुपये कर दी गई है। इसके अतिरिक्त अन्य कई प्रकार के चार्जेस उनसे वसूले जा रहे हैं। अभिभावकों ने पुलिस को बताया कि स्कूल प्रशासन मनमानी कर रहा है और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार फीस नहीं ले रहा है। बच्चों की वर्दी व किताबों के नाम पर भी लूट मचाई जा रही है।
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अभिभावकों का आरोप था कि उनके इलाके से दूसरे स्कूल में जाने वाले बच्चों के मुकाबले इस स्कूल द्वारा प्रति बच्चा तीन सौ रुपए माह किराया ज्यादा लिया जा रहा है। प्रवेश शुल्क भी ज्यादा लिया जा रहा है। मामला बढ़ता मौके पर पुलिस को बुलाया गया और 30 तारीख को प्रबंधन से बातचीत करने के लिए बुलाने के आश्वासन के बाद अभिभावक शांत हुए।

अभिभावक बोले- किताबों का नहीं दिया जा रहा पक्का बिल
अभिभावकों का यह भी आरोप था कि खरीदी गई किताबों का पक्का बिल भी नहीं दिया जा रहा है, केवल कच्चा बिल देकर जिस पर किताबों की संख्या और राशि अंकित है। किताबों पर मनमाने रेट अंकित है। उन्हें यह भी नहीं बताया जाता कि किताबों के रेट किस आधार पर और किसने अंकित करवाए हैं। इसी प्रकार बच्चों की छुट्टियों की फीस भी क्यों ली जाती है। मामला बढ़ता देख पुलिस ने स्कूल प्रशासन से बात की और अभिभावकों व स्कूल मैनेजमेंट से 30 मार्च को मीटिंग करने का समझौता के आश्वासन पर अभिभावक अपने घरों को लौट गए।

सरकार की तरफ से 9 प्रतिशत फीस में बढ़ोतरी की जा सकती है। लेकिन हमने 8 प्रतिशत ही फीस को बढ़ाया है ताकि अभिभावकों पर बोझ न पड़े। बल्कि अन्य स्कूल तो हमारे से भी ज्यादा फीस बढ़ा देते हैं। यदि अभिभावकों को स्कूल की फीस ज्यादा लग रही है तो उनके पास दूसरे स्कूल में दाखिला करवाने का विकल्प है। और अभिभावकों को बातचीत के लिए 30 मार्च को बुलाया है।
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-जसबीर सिंह बुट्टर, चेयरमैन।


खबर का वर्जन
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई थी। अभिभावकों को समझाकर शांत करवाया दिया गया था। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से बातचीत कर अभिभावकों को 30 मार्च को बातचीत के लिए बुलाया है।
-राकेश कुमार, एचएचओ, सिटी थाना जगाधरी।
वर्जन
उनके पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। मामले में स्कूल प्रबंधन से बातचीत की जाएगी। उसके बाद ही मामला सुलझाया जाएगा।
-जय सिंह जुल्का, बीईओ।
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