चेक बाउंस मामलों में चंडीगढ़ की फर्म के तीन डायरेक्टरों को एक साल की सजा
छह साल से कोर्ट में चल रहा था केस, अब फैसला आया
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर
चेक बाउंस के मामलों में चंडीगढ़ की फर्म के तीन डायरेक्टरों को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए एक साल की सजा और जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में कोर्ट ने तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है। पीड़ित पक्ष के एडवोकेट ने बताया कि डीएस एसोसिएट ने बराड़ा और करनाल में रेलवे पुल बनाने का टेंडर लिया था। एक करोड़ 87 लाख रुपये का यह टेंडर था। इस कंपनी ने यह कार्य यमुनानगर की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को दे दिया। इस कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बराड़ा और करनाल में पुल का काम किया। काम पूरा होने पर मुख्य कंपनी डीएस एसोसिएट के खाते में आया। इस कंपनी के मालिक ने कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिकों अशोक और विनोद को धनराशि देनी थी। नवंबर 2012 में दो अलग-अलग चेक से भुगतान किया गया। एक चेक 95 लाख और दूसरा 92 लाख रुपये का दिया। दोनों चेक बाउंस हो गए। इस पर जनवरी 2013 में कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से कोर्ट में केस दाखिल किया। तब से यह केस कोर्ट में चल रहा था। इस मामले में बुधवार को जेएमआइसी उपेंद्र सिंह की कोर्ट ने मुख्य कंपनी के डायरेक्टर डीएस पुन्नू, उनकी पत्नी परविंद्र कौर और प्रभजीत को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आरोपियों को एक साल की सजा और 95 लाख व 97 लाख रुपये पीड़ित पक्ष को अदा करने की सजा सुनाई।