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नारेबाजी कर भड़ास निकाली, फिर चार घंटे तहसील कार्यालय में बैठे रहे बच्चे

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‘वी वांट जस्टिस और रोल नंबर’ की तख्तियां लेकर सचिवालय पहुंचे बच्चे
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नारेबाजी कर भड़ास निकाली, फिर चार घंटे तहसील कार्यालय में बैठे रहे बच्चे
स्कूल प्रबंधन ने दिखाए कोर्ट में दर्ज याचिका के कागजात, अभिभावकों ने लिखित में लिया आश्वासन
यमुनानगर। परीक्षाओं के वक्त जहां तमाम बच्चे अपने अगले पेपर की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल की दसवीं कक्षा के 35 बच्चे हाथों में बैनर लेकर वी वांट जस्टिस के नारे लगाते हुए घर से जुुलूस की शक्ल में इकट्ठे होकर लघु सचिवालय पहुंचे और नारेबाजी की। बच्चों ने कहा कि हमने पूरी तैयारी की है, लेकिन अब रोल नंबर ही नहीं दिए गए। ऐसे में हमारे सारे सपने चकनाचूर होते नजर आ रहे हैं। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाएं कि फीस के नाम पर भारी भरकम राशि वसूली जाती रही, लेकिन जब परीक्षा का टाइम आया तो उनके बच्चों को घर बैठा दिया गया। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। शनिवार को दसवीं कक्षा के बच्चों के साथ नौवीं कक्षा के बच्चे और उनके अभिभावक भी पहुंचे और उन्होंने तहसील कार्यालय में जमकर बवाल किया।
चार घंटे चली मीटिंग
सीटीएम सोनूराम ने बच्चों और अभिभावकों को अंदर बुलाया लिया और तहसीलदार जोगेंद्र शर्मा की अगुवाई में अभिभावक, शिक्षा विभाग और दोनों स्कूलों के प्रबंधन को बुला कर मीटिंग शुरू की गई। मीटिंग में स्प्रिंग डेल्स स्कूल के अध्यक्ष प्रवीण सरदाना ने कोर्ट में दाखिल की गई याचिका की कॉपी दिखाई। करीब चार घंटे तक मीटिंग चलती रही। इस दौरान तमाम बच्चे और उनके पेरेंट्स तहसील कार्यालय में ही बैठे रहे। इस मामले को लेकर तहसीलदार की तरफ से दस सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई है।
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विश्व भारती स्कूल की तरफ से डाली गई है याचिका
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों का एडमिशन स्प्रिंग डेल्स स्कूल में करवाया गया था, लेकिन परीक्षा के वक्त बच्चों को विश्व भारती स्कूल की ड्रेस और आईडी कार्ड दिए गए। अब हाईकोर्ट में पीटिशन भी विश्व भारती स्कूल की तरफ से डाली गई है। जिसमें साफ तौर पर लिखा गया है कि कागजात जमा करवाने में देरी हुई है। इसलिए बच्चों के भविष्य को देखते हुए रोल नंबर जारी किए जाएं।
छात्रों के परीक्षा फॉर्म सीबीएसई के पास जमा कर दिए गए थे। रोल नंबर जारी नहीं हुए तो पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। जिसमें सीबीएसई को निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है कि रोल नंबर जारी करें। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 11 मार्च की तारीख तय की है।
-प्रवीण सरदाना, प्रेजीडेंट, स्प्रिंग डेल्स स्कूल
माता-पिता और स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक हुई। जिसमें यह तय किया गया था कि 1 मार्च को उच्च न्यायालय द्वारा दिए जाने वाले फैसले का इंतजार करेंगे। माता-पिता पीटिशन की एक एक प्रति की मांग कर रहे थे, जो उन्हें उपलब्ध कराई गई है। मामले को लेकर दस सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई है। जिसमें अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। -जोगेंद्र शर्मा, तहसीलदार
प्रभावित छात्रों के माता-पिता की शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है। शिक्षा विभाग की तरफ से इस तरह की गड़बड़ियां करने वाले स्कूलों की पहचान का काम भी शुरू किया गया है। फिलहाल हमारी प्राथमिकता परीक्षा से वंचित बच्चों का पेपर दिलवाना है।
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-पृथ्वी सिंह, डिप्टी डीईओ
अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शिकायत दी थी। इस मामले की जांच जिला शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी से जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई करेंगे।
-दिनेश चौहान, एसएचओ, फर्कपुर थाना

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