फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सड़क पर बैठे बच्चे, कहा- हमारा भविष्य खराब करने वालों को भगवान भी माफ नहीं करेगा

विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूल प्रबंधन पर केस दर्ज करने की मांग पर अड़े बच्चे, लगाया जाम
विज्ञापन

स्प्रिंग डेल्स स्कूल के 35 बच्चों को शुक्रवार को भी रोल नंबर नहीं मिला। शाम को बच्चों की आंखों से आंसू फूट पड़े और वे अपने अभिभावकों को साथ लेकर स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। नारेबाजी कर रहे बच्चों ने कहा कि परीक्षा में अच्छे नंबर लेने के लिए दिन रात पढ़ाई की और सर ने हमारे साथ धोखा किया। हमारा भविष्य खराब करने वालों को भगवान भी माफ नहीं करेगा। बच्चों की हालत देखकर अभिभावक भी अपना आपा खो बैठे और स्कूल प्रबंधन को जमकर कोसा। देर रात तक अभिभावकों के साथ बच्चे जगाधरी वर्कशॉप रोड पर जाम लगाकर बैठे रहे। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंची और पेरेंट्स को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। इससे पहले अभिभावकों की तरफ से फर्कपुर थाने में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग भी की गई थी।
बॉक्स
रोल नंबर नहीं आने पर बिफरे
विष्णु नगर स्थित स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले लगभग 35 बच्चों के रोल नंबर न आने के कारण वे परीक्षा देने से वंचित रह गए हैं। गुरुवार को इन बच्चों व इनके अभिभावकों को आश्वासन दिया गया था कि शुक्रवार को बच्चों के रोल नंबर आ जाएंगे। साथ ही कहा था कि जो पेपर मिस हुआ, उसे भी वे दोबारा करवाएंगे। शुक्रवार को जब देर शाम तक बच्चों के रोल नंबर नहीं आएं तो गुस्साएं बच्चों व अभिभावकों ने वर्कशाप रोड को जाम कर दिया।
विज्ञापन

जाम लगने की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिस पर अभिभावकों ने कहा कि जब स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लिखित में शिकायत दी गई, तब तो कोई कार्रवाई नहीं की गई, अब जाम लगा दिया तो पुलिस भी आ गई। जिस पर बच्चों ने इंसाफ की मांग लेकर नारे लगाने शुरू कर दिए। पुलिस के अधिकारियों ने बच्चों से बात की और उन्हें जाम खोलने के लिए कहा, लेकिन बच्चों व अभिभावकों ने किसी की एक नहीं सुनीं। क्योंकि बच्चों के भविष्य का सवाल था और उनका रोल नंबर न आने के कारण पूरा साल खराब हो रहा था।
बॉक्स
बैठे रहेंगे सड़क पर
इस संबंध में स्कूल प्रबंधन की तरफ से हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई। जिसकी सुनवाई 11 मार्च को होनी है। बच्चों व अभिभावकों का कहना था कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता तब तक वे सड़क पर ही बैठे रहेंगे। स्कूल के पास मान्यता न होने के कारण स्कूल ने किसी अन्य स्कूल से दाखिला भेजा हुआ था क्योंकि स्कूल के पास मान्यता नहीं है।
बाक्स
शिक्षा विभाग लापरवाह, डीइओ का दो दिन से मोबाइल बंद
अभिभावकों का कहना है कि इस मामले में शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आई है। हैरत की बात तो ये है कि डीइओ आनंद चौधरी का मोबाइल तक स्विच ऑफ है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है और शिक्षा विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। अभिभावकों ने कहा कि इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग भी जिम्मेदार है। शिक्षा विभाग को पता करना चाहिए कि स्कूल की मान्यता कहां तक की है और ये किस क्लास तक के बच्चों को पढ़ा रहे हैं। जो भी नियमों के खिलाफ हो रहा है उस मामले में रिपोर्ट बनाकर शिक्षा विभाग के डायरेक्टर भेजी जाए ताकि इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सके।
बॉक्स
स्कूल का पक्ष
-स्कूल प्रिंसिपल अनिता सरदाना की तरफ से उनके पति ने बताया कि छात्र व परिजनों के साथ सहानुभूति है। हमारे स्तर पर कोई कमी नहीं है। कोर्ट में अपील कर रखी है। 11 तारीख को सुनवाई है, हमें उम्मीद है कि बच्चों को न्याय मिलेगा और उनकी परीक्षा दिलवाई जाएगी।
विज्ञापन

वर्जन
-मैं मौके पर गया था। वहां बच्चों और अभिभावकों से बात की है। पूरे मामले की रिपोर्ट बनाई जा रही है। शिक्षा विभाग के नियमों के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-सुरेश कुमार, कार्यवाहक डीईईओ।
-अभिभावकों की तरफ से लिखित में शिकायत मिली है। दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है। अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और मामले की जांच की जा रही है।
-दिनेश चौहान, एसएचओ, फर्कपुर थाना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें