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एनएचएम ड्राइवरों से छिनी एम्बुलेंस की चाबी, अस्पताल से 500 मीटर दूर जाने को कहा

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स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम कर्मी आमने-सामने
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। पिछले 15 दिन से अस्पताल परिसर में हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल से 500 मीटर दूर चले जाने को कहा है। इसके साथ ही ड्राइवरों से एंबुलेंस की चाबी भी छीन ली हैं। वहीं कर्मचारी नेताओं ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चेताया है कि शांतिपूर्वक तरीके से धरना दिया जा रहा है। कर्मचारियों को छेड़ने का दुस्साहस ना किया जाएं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम कर्मचारी आमने सामने हो गए हैं। वहीं सीएमओ ने आउट सोर्सिंग से ड्राइवर भर्ती करने की बात भी कही है।
जिला प्रधान अमित गुर्जर ने बताया कि जब विभिन्न राज्य जैसे बिहार, मध्यप्रदेश ने एनएचएम कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा का लाभ दे दिया है और जम्मू-कश्मीर में भी नियमितीकरण की घोषणा सरकार की ओर से कर दी गई है। ऐसे में प्रदेश सरकार भी कर्मचारियों को राहत दें और तुरंत प्रभाव से नियमित करने का काम किया करे। उन्होंने कहा कि वो सुरक्षित नौकरी चाहते हैं। कर्मचारी पिछले 15 साल से काम कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि जब तब एनएचएम है, तब तक उनकी सेवाएं समाप्त न की जाएं। वहीं अगर एनएचएम खत्म किया जाता है तो कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग अपने अधीन करे।
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हालांकि अपनी मांगों को लेकर स्टेट बॉडी की चंडीगढ़ हेडक्वार्टर दो बार बातचीत हो चुकी है जोकि विफल रही। फिलहाल कर्मियों ने भी हड़ताल को ठोस निर्णय निकलने तक जारी रखने का फैसला लिया है। आपको बता दें कि कुल 540 कर्मचारी हैं, इनमें से 270 स्ट्राइक पर हैं और इनमें से 175 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है।
उधर, एनएचएम कर्मियों के अड़ियल रवैये के चलते स्वास्थ्य विभाग की दस से अधिक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। 550 कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से डिलीवरी, जन्म प्रमाण पत्र, एंबुलेंस, कंप्यूटर और अकाउंट डिपार्टमेंट प्रभावित हो गया। सबसे ज्यादा एंबुलेंस और डिलीवरी सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
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-हेडक्वार्टर से मिले आदेशों के तहत बर्खास्त ड्राइवरों से एंबुलेंस की चाबी ले ली गई है। अस्पताल परिसर में किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। इसलिए हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को कहा गया है कि वे अस्पताल परिसर से 500 मीटर दूर अपना धरना दें। मरीजों के हित को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।-डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
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