संभल कर दौड़ना...मैराथन की डगर में हैं गड्ढे ही गड्ढे
यमुनानगर। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में 18 जनवरी को जिले में निकाली जाने वाली रन फॉर रोड सेफ्टी मैराथन अनसेफ रोड पर होगी। जिन सड़कों पर मैराथन होगी, उन सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। अमर उजाला ने मंगलवार को रन फॉर रोड सेफ्टी मैराथन के रूट का हाल जानने के लिए ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की। इस दौरान कई चौकाने वाली बात सामने आई। जिस जगह मुख्यमंत्री मैराथन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, वहां से 50 कदम दूर चौराहे के बीच से सड़क टूटी हुई है। सबसे बुरा हाल 42 किलोमीटर रूट का है। जिसमें 11 किलोमीटर मार्ग बिल्कुल बदहाल है। प्रशासन जहां 50 हजार लोगों को मैराथन में दौड़ने की बात कहकर देश में नाम चमकाने का दावा कर रहा है। वहीं इन टूटी सड़कों पर धावक कैसे दौड़ेंगे। यह बड़ा सवाल है। यदि प्रशासन द्वारा समय रहते सड़कों के गड्ढों को नहीं भरवाया गया तो धावक टूटी सड़कों पर गिरकर चोटिल हो सकते हैं।
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बहरामपुर से शहजादपुर तक बदहाल है सड़क
जगाधरी बस स्टैंड से सभी रूट की मैराथन शुरू होंगी। लेकिन शुरूआती चौक यानी डा. बीआर अंबेडकर चौक पर ही तीन गड्ढे बने हुए है। हालांकि इसके बाद अग्रसेन चौक तक रोड साफ है। लेकिन अग्रसेन चौक पर बने गड्ढों की मरम्मत हो गई है। यहां उबड़-खाबड़ सड़क बनी हुई है। अग्रसेन चौक से पांच व 11 किलोमीटर वाला रूट रेलवे रोड की तरफ जाएगा। इएसआई अस्पताल के पास रेलवे रोड पर छोटे छोटे गड्ढे है। इसके बाद मधु चौक व फव्वारा चौक पर मरम्मत के बाद सड़क उबड़ खाबड़ बनी हुई है।
-21 व 42 किलोमीटर वाला रूट पुराना सहारनपुर रोड से होता हुआ लापरा की तरफ जाएगा। पांच व 11 किलोमीटर वाले रूट पर गड्ढे नाममात्र के है, लेकिन 21 व 42 किलोमीटर वाले दोनों रूटों पर सड़क कम गड्ढे ज्यादा हैं। सबसे ज्यादा बुरा हाल 42 किलोमीटर वाले रूट का है।
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यहां सबसे अधिक सड़क खराब :
नया गांव, बहरामपुर, लापरा के पास से सड़क खराब है। 42 किलोमीटर में बहरामपुर से साबापुर, बाकरपुर के पास, बीबीपुर घाट के पास, कनालसी और भोगपुर के बीच, इसके बाद कनालसी पुलिया के पास, मेहरमाजरा मोड़ के पास, शहजादपुर पुल व मोड़ के पास सड़क का सबसे बुरा हाल है। बहरामपुर से शहजादपुर तक लगभग 11 किलोमीटर की सड़क भी बदहाल है।
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खस्ताहाल सड़कों पर चोटिल हो सकते है अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी :
भारत की पहली महिला ओलंपिक पदक विजेता कर्णम मलेश्वरी, ओलंपिक प्रतिभागी व एशियाई खेल जकार्ता 2018 की हॉकी की खिलाड़ी दीपिका ठाकुर, सैफ खेल इस्लामाबाद 1998 में भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक पाने वाले विपिन कुमार, एशियन मास्टर गेम्स 2018 के भारोत्तोलन विजेता सुशील कुमार, दौड़ में दिल्ली मैराथन में स्वर्ण पदक विजेता केशो मानिकटहला को इस मैराथन के लिए ब्रांड एंबेसडर चुना गया है। इन सहित अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के 51 खिलाड़ी मैराथन का हिस्सा बनेंगे। स्पॉट सड़कों पर दौड़ने वाले धावक व खिलाड़ी जब खस्ताहाल सड़कों पर दौड़ेंगे तो उनके चोटिल होने की संभावना है।
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ये रहेंगे रूट :
पांच किलोमीटर- जगाधरी बस स्टैंड से शुरू होकर अग्रसेन चौक से रेलवे रोड पर सफायर होटल से वापस जगाधरी बस स्टैंड पर समाप्त होगी।
11 किलोमीटर- जगाधरी बस स्टैंड से अग्रसेन चौक, रेलवे रोड से होते हुए मधु चौक, प्यारा चौक से शहीद भगत सिंह चौक, नगर निगम कार्यालय से वापस जगाधरी बस स्टैँड पर आकर समाप्त होगी।
21 किलोमीटर- जगाधरी बस स्टेंड से शुरू होकर अग्रसेन चौक से पुराना सहारनपुर रोड, लापरा से होते हुए कलानौर से वापस जगाधरी बस स्टैंड पर संपन्न होगी।
42 किलोमीटर- जगाधरी बस स्टैंड से शुरू होकर अग्रसेन चौक, पुराना सहारनपुर रोड, लापरा से वापस साबापुर, बाकरपुर, कनालसी से होते हुए गांव शहजादपुर से वापस उसी रूट से होते हुए जगाधरी बस स्टैंड पर समाप्त होगी।
वर्जन
-मैराथन के रूट की सभी सड़कों पर पैचवर्क किया जा रहा है। अधिकतर मार्ग सही है। शहजादपुर से बहरामपुर के बीच सड़क ज्यादा टूटी हुई है। जिस पर काम शुरू कर दिया गया है। यह सड़क सीएम अनाउंसमेंट के तहत सीसी की बनाई जानी है। यह काफी बिजी सड़क है। इसलिए पैचवर्क में दिक्कत हो रही है। मैराथन से पहले हम इसे ठीक कर देंगे।
-ऋषि सचदेवा, एक्सइएन, पीडब्लयूडी