नारायणगढ़ रूट की बस न चलने पर बिफरे विद्यार्थी, बस स्टैंड के गेट पर लगाया जाम
यमुनानगर। कॉलेजों से छुट्टी के बाद घर जाने के लिए बस स्टैंड पर नारायणगढ़ रूट की दोपहर बाद घंटे भर कोई बस नहीं चली। इस पर साढौरा, बिलासपुर की तरफ जाने वाले दो गर्ल्ज कॉलेज और दो कॉ-एजूकेशन कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राएं बिफर गए। गुस्साएं छात्रों ने बस स्टैंड के गेट पर कतारबद्ध होकर जाम लगा दिया और बस स्टैंड के अंदर खड़ी बसों को बाहर जाने नहीं दिया और न ही बाहर से आ रही बसों को अंदर जाने दिया। बस स्टैंड पर विद्यार्थियों द्वारा जाम लगाने की सूचना पर रोडवेज जीएम रविंद्र पाठक और शहर एसएचओ नरेंद्र राणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया, लेकिन विद्यार्थियों का कहना था कि जब तक बस नहीं चलेगी, वे जाम नहीं खोलेंगे। इसके बाद रोडवेज जीएम द्वारा रूट पर बस भेजी। जिसके बाद विद्यार्थियों ने जाम खोल दिया। बताया जा रहा है कि जाम न खोलने पर पुलिस ने कुछ विद्यार्थियों को जिप्सी में बिठाया। जिसके बाद विद्यार्थियों ने जाम खोल दिया। बाद में उन विद्यार्थियों को छोड़ दिया गया।
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दो गर्ल्स कॉलेज और दो कॉ-एजूकेशन कॉलेज के सैकड़ों विद्यार्थी परेशान :
छात्रा ममता, शिवानी, नेहा आदि ने बताया कि वे साढौरा नारायणगढ़ रूट से रोजाना अपने कॉलेजों रोडवेज बस से आती है। क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थी शहर के डीएवी गर्ल्ज कॉलेज, जीएनजी कॉलेज, गुरु नानक खालसा कॉलेज व एमएलएन कॉलेज में पढ़ते हैं। उन्होंने रोडवेज बस पास भी बनवाए हुए है। लेकिन रूट पर बसों की सर्विस बहुत कम है। सुबह भी उन्हें कॉलेज आने के लिए बसों का इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो उनके लेक्चर छुट जाते है। ऐसे में उनके लेक्चर शॉट हो रहे है। छुट्टी के बाद भी बस स्टैंड पर बहुत इंतजार करना पड़ता था। सोमवार दोपहर को भी वे डेढ़ बजे बस स्टैंड पर आ गए थे। लेकिन उनके रूट की कोई बस नहीं चली। ढाई बजे तक रूट की कोई बस काउंटर पर नहीं लगी। जिससे परेशान होकर उन्होंने जाम लगाने को मजबूर होना पड़ा।
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आधा घंटे बंद रही बसों की सर्विस, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी :
नारायणगढ़ रूट पर दोपहर बाद बस न चलने से गुस्साएं छात्र व छात्राएं दोपहर बाद ढाई बजे बस स्टैंड के गेट पर आ गए। विद्यार्थियों ने यहां लाइन में खड़े होकर बस स्टैंड से निकलने वाली बसों को रोक दिया और सरकार व हरियाणा रोडवेज के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। नारेबाजी करते हुए विद्यार्थियों ने रोडवेज की वजह से अपनी पढ़ाई खराब होने का रोना भी रोया। गेट पर जाम लगने से दर्जनों बसों बस स्टैंड के अंदर खड़ी रही। छात्राओं ने न तो बस स्टैंड के अंदर से कोई बस बाहर जाने दी और ना ही बाहर से आने वाली कोई बस अंदर जाने दी। जिससे बस स्टैंड के अंदर व बाहर जाम लग गया।
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सर्विस सुचारु न हुई तो भूख हड़ताल पर बैठेंगे :
यूथ फॉर स्वराज के पदाधिकारी अंकित त्यागी का कहना है कि छात्रों द्वारा लगाए गए जाम की सूचना पर संगठन के सदस्य भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी विद्यार्थियों को जाम खोलने के लिए समझाने की कोशिश की। लेकिन छात्र नहीं माने। तभी रोडवेज जीएम पहुंचे तो उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से कहा की अपनी मांग लिखित में दे। इस पर यूथ फॉर स्वराज के कार्यकर्ता सुमित पाल ने कहा कि वे रूटों पर बसों की सर्विस को लेकर चार बार मिल चुके है। लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन दिया और पहले दी गई शिकायतों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यूथ फॉर स्वराज के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर बसों की सर्विस समय से शुरू नहीं हुई तो वे छात्रों के साथ भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
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20 दिन पहले भी लगाया था जाम :
बिलासपुर और साढौरा क्षेत्र के लिए बस नहीं मिलने से नाराज छात्रों ने करीब 20 दिन पहले भी बस स्टैंड यमुनानगर के गेट पर जाम लगा दिया था। उस वक्त 15 मिनट तक जाम लगा था। उस वक्त भी रोडवेज वर्कशाप से बस मंगवा कर चलाई गई थी। ये हालात तब हैं जब वर्कशाप में दर्जनों की संख्या में बसें खड़ी रहती हैं लेकिन उन्हें रूट पर नहीं चलाया जा रहा। बार-बार छात्रों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
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नहीं है महिला स्पेशल बस :
शहर में अधिकतर दूर-दराज के गांव की छात्राओं को पढ़ने के लिए आना पड़ता है। रोडवेज सभी बसें पूरी भरकर चलती है, जिसकी वजह से छात्राओं को न तो उनमें कोई सुविधा मिलती है और न ही उन्हें अपनी सुरक्षा महसूस होती है। छात्राओं को सीट नहीं मिल पाती तो उन्हें युवकों के बीच में खड़ा होकर या खिड़की पर लटककर सफर तय करना पड़ता है। इन हालातों के चलते छात्राओं को अनेकों दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनकी मांग है कि रूट पर महिला बस चलाई जाए।
वर्जन
नारायणगढ़ रूट की कुछ बसें लेट हो गई थी। जिसके कारण विद्यार्थियों को कुछ इंतजार करना पड़ा। पौने तीन बजे बसें आ गई थी। जिन्हें रूट पर भेज दिया गया। हमारा प्रयास रहता है कि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो। जिस रूट की अधिक सवारियां हो जाती है। वहां अतिरिक्त बसों को लगा दिया जाता है।
- रविंद्र पाठक, जीएम रोडवेज।
फोटो : 26, 27 व 28