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जाको राके साइयां मार सके न कोए।

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कंबल में लपेट कर तीन डिग्री कड़ाके की ठंड में फेंक दी तीन दिन की बच्ची
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जाको राके साइयां मार सके न कोए।
रोने की आवाज सुनी तो एक व्यक्ति ने सरपंच व पुलिस की मदद से अस्पताल भिजवाया।
गांव महमूदपुर में गांव से बाहर बने एक घर के बाहर देर रात दस बजे की घटना।
जिला बाल संरक्षण इकाई व प्रोटेक्शन ऑफिसर ने की जांच।
-स्वस्थ है बच्ची, इंफेक्शन ठीक होते ही भेजी जाएगी पंचकूला के शिशु गृह

अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
जाको राखे साइयां मार सके ना कोई। यह कहावत सोमवार रात तीन दिन की उस बच्ची पर सटीक होती नजर आई। जिसे मरने के लिए उसके मां-बाप ने तीन डिग्री की कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया। बच्ची कंबल में लिपटी हुई महमूदपुर गांव के आउटर एरिया में तौफिक के घर के बाहर पड़ी मिली। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर तौफिक घर के बाहर आए। तौफिक की पत्नी ने बच्ची को गोद में उठाकर सूचना सरपंच कर्णपाल को दी। जिसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाया गया। कलानौर चौकी पुलिस ने सरपंच की मदद से बच्ची को अस्पताल में पहुंचाया। जिला बाल संरक्षक इकाई की प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रीती, लीगल ऑफिसर रंजन शर्मा व गुरप्रीत सिंह की टीम ने मुआयना कर बच्ची की जांच की। बच्ची को इंफेक्शन है। जिसके लिए उसे उपचार दिया जा रहा है। तीन दिन बाद बच्ची को शिशु गृह पंचकूला भेजा जाएगा। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
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बच्ची को देख सरपंच को बुलाया :
महमूदपुर के सरपंच कर्णपाल ने बताया कि सोमवार रात करीब दस बजे उसके पास गांव के ही तौफिक का फोन आया कि उसके घर के बाहर तीन दिन की बच्ची लावारिश हालत में पड़ी हुई है। तौफिक ने उन्हें बताया कि उसकी पत्नी छत पर बने टायलेट में गई थी। तभी उसने एक बच्चे के रोने की आवाज सुनी। उन्होंने देखा कि उनके घर के बाहर एक कंबल में लिपटा हुआ कुछ हिल रहा है। वे तुरंत छत से नीचे उतरकर घर से बाहर आए। नजदीक जांच देखा तो कंबल में नवजात बच्ची लिपटी हुई थी। सरपंच ने पुलिस को मौके पर बुलाया।
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इंफेक्शन ठीक होते ही भेजेंगे शिशु गृह :
चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रीती का कहना है कि जांच में बच्ची दो-तीन दिन की लग रही है। बच्ची स्वस्थ है। डॉक्टरी जांच में बच्ची को इंफेक्शन है। जिसे ठीक होने में दो-तीन दिन लगेंगे। मेडिकल फिट होने के बाद बच्ची को शिशु गृह पंचकूला में भेजा जाएगा। प्राथमिक जांच में लड़की को बोझ समझकर छोड़ा गया। सीडब्ल्यूसी के आंकड़ों के अनुसार अब तक 11 केस सामने आ चुके है। जिसमें बेदर्दी मां ने अपने बच्चों को जन्म के बाद मरने के लिए छोड़ दिया।
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वर्जन
रात दस बजे सरपंच की सूचना पर वे गांव महमूदपुर गए थे। जहां अज्ञात व्यक्ति नवजात बच्ची को छोड़ का चला गया। उन्होंने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया। मामले में उन्होंने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्जकर ली है। मामले की जांच की जा रही है।
- ईश्वर चंद, इंचार्ज, कलानौर चौकी।
फोटो : 14, 15 व 16
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