स्वच्छता के लिए मिसाल बना धौलरा गांव
एंकर स्टोरी
केरल के गांवों की तर्ज पर विकसित किया गया
रादौर। 460 घरों वाले धौलरा गांव की आबादी महज 1800 लोगों की है, लेकिन इन चंद लोगों ने मिल कर जो मिसाल कायम की है, वह आज पूरे क्षेत्र में विजयगाथा की तरह सुनाई दे रही है। तीन साल पहले लोगों ने साफ सफाई को अपना मूलमंत्र बना लिया था, उसी का नतीजा है कि धौलरा जिले का सबसे साफ गांव बन गया। यह कामयाबी यूं ही नहीं मिली। मेहनत मजदूरी करने वाले इस गांव के लोगों में साफ सफाई को लेकर इतनी जागरूकता है कि वे गलियों में एक तिनका भी नहीं फेंकते। सभी लोग मिल कर हफ्ते में एक दिन पूरे गांव की सफाई करते हैं। सोमवार को नए वर्ष के उपलक्ष्य में ग्राम पंचायत ने गांव में नए डस्टबीन वितरित किए। लोग अपने घरों के बाहर इन्हें रखेंगे।
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खुले में शौच मुक्त गांव
धौलरा गांव पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त है। प्रत्येक घर में तो पक्का शौचालय है ही। गांव के बाहर 40 सार्वजनिक शौचालय भी बनाएं गए हैं। ताकि देर सबेर इन्हें प्रयोग किया जा सकें।
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सूखे-गीले के लिए अलग डस्टबीन
लोगों ने अपने घरों में सूखे और गीले कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबीन रख रखें है। सफाई कर्मचारी इस कचरे को उठाकर गांव के बाहर बने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लेकर जाते हैं और वहां इनसे खाद भी बनाया जाता है।
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सीवर के साथ नालियां कवर्ड
गांव में शहरों की तरह सीवरेज व्यवस्था है। पंचायत ने तीन वर्ष पहले गांव को नाली व नाला मुक्त बनाने की मुहिम छेड़ी थी। आज गांव में 90 प्रतिशत गलियों में सीवरेज बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। इतना ही नहीं तमाम नालियां पक्की और कवर्ड है। नालियों को साफ करने के लिए अलग से कर्मचारी रखें गए हैं। साथ ग्रामीण खुद भी इनकी सफाई का ख्याल रखते हैं। अब गांव नाली व नाले से मुक्त हो गया है।
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केरल के गांवों से लिए आइडिया
सरपंच संजू शर्मा ने बताया कि तीन साल पहले सरकार ने उनके गांव को स्वच्छता मिशन में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया था। उसके बाद वे केरल व महाराष्ट्र के गांवों में दौरे पर गए। जहां उन्हें साफ सफाई रखने के आइडिया मिले और उन पर काम शुरू किया गया।
अपने स्तर पर डस्टबीन बांटने का काम करती है पंचायत
सुमित, सीमा, रीटा, संतोष, संजय, संजीव, हवा सिंह, नसीब सैनी व बलबीर सैनी ने बताया कि क्षेत्र की ऐसी पहली पंचायत बन गई है, जिसने गांव के हर घर में डस्टबीन देने का काम किया है। सफाई व्यवस्था को लेकर गांव की पंचायत ने कडे कदम उठाए है। उन्होंने बताया कि पंचायत ने अपने तीन वर्षों के कार्यकाल में गांव में 12 हजार फुट पाइप लाइन बिछवाकर गंदे पानी की निकासी करवाई है।
फोटो नंबर 1 और 17