सीबीएसई में बोर्ड परीक्षा में बदलाव, थ्योरी व प्रेक्टिकल में कुल 33 प्रतिशत अंक आने पर हो जाएंगे पास
यमुनानगर। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन ने इस बार दसवीं व बारहवी बोर्ड की परीक्षा का पैटर्न बदल दिया है। कक्षा दसवीं में विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए बोर्ड ने अब थ्योरी व प्रेक्टिकल में अलग-अलग नंबर ना लाकर दोनों में 33 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य किए हैं।
वर्ष 2018-19 की बोर्ड परीक्षा से पूर्व सीबीएसई परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन बोर्ड की परीक्षा फरवरी से आरंभ हो जाएगी। लगभग सभी स्कूलों में सेलेबस पूरा होने की ओर है और सेलेबस की रिवाइज की तैयारी चल रही है। इसी के चलते बोर्ड ने सबसे बड़ा बदलाव कक्षा 10 को लेकर किया गया है। कक्षा 10 के छात्रों को थ्योरी और प्रेक्टिकल में अलग-अलग 33 प्रतिशत अंक लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब दोनों ही परीक्षाओं को 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। नए पैटर्न के तहत 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाला छात्र पास हो जाएगा। छात्र को दोनों परीक्षाओं के लिए अलग-अलग तैयारी नहीं करनी पड़ेगी। वहीं, दूसरा बदलाव कक्षा 12वीं के अंग्रेजी कोर के पैटर्न में किया है। कक्षा 12वीं में पढ़ने वाले छात्रों को अब इस पैटर्न के हिसाब से ही तैयारी करनी होगी। जिससे परीक्षार्थियों को लाभ मिलेगा और प्रेक्टिकल व थ्योरी के लिए अलग से मेहनत करने की आवश्यकता नहीं होगी।
परीक्षा में अंक के बदलाव करने के साथ बोर्ड ने पेपर का पैटर्न भी बदला है। पेपर में सवालों की संख्या भी पहले की अपेक्षा घटाई गई है। रीडिंग सेक्शन में भी कई तरह के बदलाव किए है। पिछले सत्र और वर्तमान सत्र के पैटर्न में बहुत अंतर है इसलिए विद्यार्थियों को नए पैटर्न को अच्छे से समझना होगा।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन ने दसवीं व बारहवी की परीक्षा की में बदलाव किए है। दसवीं में थ्योरी व प्रेक्टिकल दोनों में 33 प्रतिशत अंक लाने होंगे। अब दोनों में अलग-अलग 33 फीसदी अंक लाने की आवश्यकता नहीं। इसी के साथ-साथ परीक्षा को सरल बनाने के लिए बोर्ड ने बदलाव किए हैं। तमाम जानकारी बोर्ड की पोर्टल पर भी अपलोड कर दी गई है।
-रमा गुप्ता, सीबीएसई पीआरओ