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स्कूल बसों की प्राइवेट वाहनों की चेकिंग में मिली खामियां, पांच ऑटो व तीन सूमो जब्त, स्कूली वाहनों को चेतावनी देकर छोड़ा

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स्कूल बसों की प्राइवेट वाहनों की चेकिंग में मिली खामियां
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यमुनानगर। यातायात पुलिस ने शुक्रवार को स्कूल बस व प्राइवेट वाहनों से स्टूडेंट्स लाने ले जाने वाले वाहनों की जांच की। इस दौरान वाहनों व बसों के चालान काटे गए और उन्हें दोबारा ऐसा ना करने की चेतावनी दी। यातायात थाना प्रभारी यादवेंद्र सिंह ने बताया स्कूलों से बच्चों को लाने ले जाने के लिए जो वाहन चलते हैं, उन पर स्कूल के नियम अनुसार उपकरण लगे होने चाहिए। इसके अलावा पीले रंग की पट्टी होनी चाहिए। लेकिन अधिकतर वाहन चालक इन नियमों की पालना नहीं कर रहे। ऐसे में कोर्ट ने नियमों की अवहेलना हो रही है और हादसों की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इसी को देखते हुए चेकिंग अभियान चलाया गया, जो आगे भी जारी रहेगा। वाहनों के कागजात नहीं थे। क्षमता से अधिक स्टूडेंट्स मिले। उन्होंने बताया कि खामियों के बारे में स्कूल संचलकों को भी लिखा जा रहा है। 5 ऑटो व 3 सूमो को जप्त किया गया है। इसके अलावा स्कूल बसों की भी जांच में अधिकतर चालकों ने वर्दी नहीं पहनी हुई थी। इनके चालान किए गए। प्रभारी ने आह्वान किया कि वह उन वाहनों में अपने बच्चों को भेजें, जो स्कूल के द्वारा अनुमान अनुमति से चलाए गए हैं और कोर्ट के आदेशों की पालना कर रहे है। गौरतलब है कि सुरक्षित वाहन पॉलिसी के अंतर्गत निजी स्कूलों की बसों को 22 नियमों को पूरा करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में बसों में स्पीड गवर्नर होना, जीपीएस सिस्टम होना, बस का कलर पीले रंग का होना, वाहन परमिट का होना, फस्ट एड बॉक्स का होना, फायर सेफ्टी यंत्र का होना, चालक परिचालक का ड्रेस में होना, वाहन पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अंकित होना, वाहन में कैमरा होना, वाहन पर स्कूल का नाम, बस के मालिक का नाम, फोन नंबर अंकित होना, ड्राइवर को पांच साल के वाहन चलाने का अनुभव होना, ड्राइवर का मेडिकल फिट होना समेत 22 नियमों का पालन करना नितांत जरूरी हैं।
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