सफेद हाथी साबित हो रहा है रोजगार कार्यालय, युवाओं में रोष, बोले-कई साल हो गए नाम दर्ज करवाएं, न रोजगार मिल रहा न भत्ता
यमुनानगर। जिला रोजगार कार्यालय की ओर से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने में नाकाम साबित हो रहा है। जिससे युवाओं में विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति रोष बन रहा है। आएं दिन बेरोजगार युवा रोजगार कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। सक्षम योजना में दर्ज सैकड़ों बेरोजगारों के नाम युवाओं को बिना कोई जानकारी दिए ही काट दिए गए हैं। इसके अलावा जिन युवाओं ने सरकार की सक्षम योजना से पहले रोजगार कार्यालय में अपना नाम दर्ज करवाया हुआ था। उन्हें ना तो रोजगार दिया गया है और ना ही उन्हें बेरोजगार भत्ता दिया गया है। बार-बार कार्यालयों के चक्कर काटने के बावजूद उनका भत्ता तक नहीं दिया गया।
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रजनी ने बताया कि उसने एमए के आधार पर 2017 के फरवरी माह में सक्षम योजना में अपना नाम दर्ज करवाया था। पहले तो जन कल्याण सेवा सर्वे में काम दिया गया था, लेकिन सर्वे को बीच में ही बंद करवा दिया गया। उसके बाद हमें कोई भी काम नहीं दिया गया है। एक महीने में कम से कम चार चक्कर काटते है। लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगती हैं।
रजनी, गांव अलाहर, ब्लॉक रादौर।
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शिक्षा देवी ने बताया कि वह ब्लॉक मुस्तफाबाद के गांव स्यालवा की रहने वाली है। उसने 12 कक्षा तक पढाई की ह़ुई है। जिसके आधार पर उसने नौकरी की आस में 2013 में रोजगार कार्यालय में अपना नाम दर्ज करवाया था। जिसको उसने 2016 में रिन्यू भी करवा दिया था। लेकिन तब से लेकर आज तक उसकों निर्धारित भत्ता तक नहीं दिया गया हैं। इसके लिए अलग से फार्म भरने के लिए कहा जाता है। पिछलें साल भी फार्म जमा करवाने आई थी तो कलर्क ने अगले साल आने को कहा था। फिर मैं दो हफ्ते पहले आई थी तो जो जानकारी दी थी उसके अनुसार मैं आज सारे कागज लेकर आई हूं तो कह रहे है कि मेरे कागजात पूरे नहीं है, पीएनबी बैंक में खाता नहीं है। आज फार्म जमा करवाने की अंतिम तिथि है, इस साल भी भत्ता नहीं लग पाएगा।
शिक्षा देवी, स्यालवा ब्लॉक मुस्तफाबाद।
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ब्लॉक छछरौली के विशाल ने बताया कि चार सालों से रोजगार कार्यालय में नाम दर्ज करवाया हुआ है। अभी तक यहां से किसी तरह की नौकरी दिलाने बारे कोई फोन नहीं आया। यहां तक चार साल बीत जाने के बाद भी बेरोजगारी भत्ता भी नहीं लगाया गया हैं। कभी तो आय प्रमाण पत्र मांगते है, जमा करवाने के बाद भी बोलते है कि आय प्रमाण पत्र जमा नहीं करवाया गया है। पीएनबी बैंक में अकाउंट ना होने का हवाला दिया गया था।
3. विशाल, छछरौली।
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ब्लॉक छछरौली की अंजली ने बताया कि उसने 2014 में रोजगार पाने के लिए रोजगार कार्यालय में नाम दर्ज करवाया था। उसने बीकॉम की हुई है। हर दो महीनें बाद काम के लिए पता करने आती हूं। लेकिन हमें काम नहीं दिलाया गया है। यहां तक आज तक भता भी नहीं लग सका है। यहां के कर्मचारी कॉफी सख्ती से बात करती है। कभी भी सीधा जवाब नहीं देते है, काम के लिए पूछों तो अधिकारियों से बात करने के लिए कह देते है और अधिकारी कभी मिलते नहीं है। अंजली, छछरौली।
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5. ब्लॉक बिलासपुर के गांव मखोर की ममतेश ने बताया कि उसने बारहवीं की हुई है। उसने चार साल पहले रोजगार कार्यालय में अपना नाम दर्ज करवाया था। रोजगार कार्यालय के चक्कर काटने के बाद उसका 900 रुपया बेरोजगारी भत्ता लगाया गया। सरकार अपने विधायकों की सैलरी तो लाखों में लगाती है। पढे़ लिखे लोगों को रोजगार नहीं दिलवाती, भत्ते के नाम पर सिर्फ 900 रुपये देती है। कभी नौ सौ रुपये में खुद गुजारा कर के दिखाए तो पता चले।
ममतेश, गांव मखोर, ब्लॉक बिलासपुर।
फोटो 5 से 9