नगर निगम चुनाव: पांच साल में हुए कार्यों से जनता नाखुश, उम्मीदवार के लिए खड़ी होंगी मुश्किल
यमुनानगर। इस बार नगर निगम चुनाव उम्मीदवारों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। पहले की निगम की सरकार ने पांच साल जो राज किया और उस समय में जो कार्य करवाए गए, उनसे जनता नाखुश दिखाई दे रही है। इसलिए नए उम्मीदवारों के लिए यह चुनाव जितना किसी पहाड़ पर चढ़ने के बराबर से कम नहीं होगा। क्योंकि जनता ही उम्मीदवारों की हार व जीत का फैसला करेगी। वहीं उम्मीदवारों को जीत के लिए जनता से जबरदस्त अपील करनी होगी। हालांकि अपने कार्यकाल के दौरान पूर्व पार्षदों ने अपने-अपने एरिया में करोड़ों रुपये के बजट जारी करवाकर विकास करवाने का दावा किया है। लेकिन जनता के मुताबिक कहीं भी विकास नजर नहीं आता। इस दौरान हर वार्ड में सबसे बड़ा मुद्दा सड़कों व गलियों का रहा। पॉश व वीआईपी एरिया की सड़कों का इतना बुरा हाल है। यहां रहने वाले लोगों के मुताबिक केवल चहेतों के एरिया में ही विकास हुआ है। बाकी एरिया से अनदेखी हुई।
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सड़कों पर नहीं दिया गया ध्यान
मॉडल टाउन निवासी अमन साहनी बताते हैं कि सड़कों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। मधु रोड से संतपुरा गुरुद्वारा साहिब रोड ही ले लो। इस रोड पर प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। मगर पांच साल में एक बार भी यह रोड़ नहीं बना। रोड पर सैकड़ों गड्ढे हैं। बरसात के दिनों में यह सड़क चलने लायक नहीं होती।
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नहीं हुआ विकास
शहरवासी राहुल यहां हुए कार्यों को लेकर काफी गुस्से में दिखे। उन्होंने कहा कि वार्ड में क्या खाक विकास हुआ। सड़कों की स्थिति पहले से ओर दहनीय हो चुकी। अब जब चुनाव आ गए, अब विकास करवाने में लगे हैं इससे पांच साल पहले कहां थे। केवल चहेतों के एरिया में विकास करवाकर बाकी से अनदेखी की गई है।
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प्रदीप कुमार ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि पांच साल में कुछ खास कार्य नहीं हुए। केवल कागजों में ही विकाय कार्य हुए हैं। जबकि हकीकत सबके सामने है। प्रोफेसर कॉलोनी ही ले लो, बरसात के दिनों में हुडा की तरफ से आने वाला गटर का पानी कॉलोनी में आने से घरों में घुस जाता है जिसकी कोई निकासी नही। इसके अलावा बस स्टेंड से शहीद भगत सिंह पार्क की तरफ आने वाली व मेन हाइवे की सड़कों की स्थिति खराब पड़ी है।
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सड़कों से जाम की समस्या नहीं हुई खत्म
शहर के अमनदीप सिंह, सुभाष चंद्र, पुनीत गुप्ता ने कहा कि सड़कों से जाम व अतिक्रमण बड़ी समस्या है जिसका कोई सुधार नहीं हुआ। टिवन सिटी से करोड़ों रुपये का राजस्व होता है। मगर सरकार वाहनों के लिए स्थाई पार्किंग नहीं बना सकी। ऐसे में लोगों को सड़कों पर ही वाहनों को पार्क करना पड़ता है जिससे जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। दूसरा अतिक्रमण भी कम नहीं हुआ। दुकानदारों ने पांच से सात फीट दुकानों के आगे सामान को रखा हुआ हैै। जो हादसे को भी बढ़ावा दे रहे हैं। अगर इन दोनों पर नियंत्रण हो जाए तो स्थिति बेहतर हो सकती है।
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24 हजार छोटे-बड़े उद्योग फिर सुधार नहीं
हरियाणा उद्योग व्यापार मंडल के महासचिव संजय मित्तल ने कहा कि 2015 की नगर निगम की रिपोर्ट के मुताबिक 24 हजार छोटे-बड़े उद्योग हैं और रोजाना 100 करोड़ का कारोबार होता है। लेकिन फिर भी शहर की दशा में कोई सुधार नहीं हुआ। यहां तक कैल में लगाया गया 19 करोड़ रुपये का सॉलिड वेस्ट प्लांट जिसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
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हर साल सड़कों की मरम्मत पर हो रहे 50 लाख खर्च
नगर निगम के मुताबिक शहर की सड़कों पर हर साल 50 लाख रुपये मरम्मत पर खर्च हो रहे हैं। बावजूद इसके शहर की सड़कें चलने लायक नहीं है। सबसे ज्यादा बुरे हालात इस समय शहर की पॉश व वीआईपी कहे जाने वाले मॉडल टाउन की है। जहां की सड़कें खस्ता हाल में हैं। वहीं सड़कों की खस्ताहाल को लेकर शहरवासियों में भी काफी गुस्सा है। यहां तक छोटी लाइन से संतपुरा गुरुद्वारा साहिब, बस स्टैंड से शहीद भगत सिंह पार्क, नेहरू पार्क से प्यारा चौक आदि बुरी हालत में हैं।
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शहर के विकास पर इतना हुआ खर्च
अगर पिछले तीन साल का आंकड़ा उठाया जाए तो इन सालों में करोड़ों रुपये विकास पर खर्च हुए हैं जिनमें 2015-2016 में 11655579, 2016-17 में 27801566, 2017-18 में 11315565 तथा 2018-19 में अब तक 91700000 रुपये खर्च हुए हैं। मगर फिर भी विकास नजर नहीं आता।
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सभी जगहों पर भाजपा के उम्मीदवार होंगे विजयी
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के भाई के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि पार्टी कमल के निशान पर अपने दम पर लड़ेगी। प्रत्यक्ष रूप से चुनाव करवाने की बहुत लंबे समय से लोगों की मांग थी और इसका श्रेय निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी को जाता है। प्रदेश में जो 4 साल में भाजपा सरकार ने काम किए हैं उसी आधार पर जनता भारतीय जनता पार्टी को ही मौका देगी।
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