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संशोधित- यमुनानगर में पहली बार पेट्रोल का रेट

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यमुनानगर में पहली बार पेट्रोल का रेट 80 के पार
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-डीजल भी अब तक के सबसे उच्चतम भाव पर
-ट्रांसपोर्टरों ने रेट भाड़ा बढ़ाने का फैसला लिया
- प्लाइवुड और स्टील इंडस्ट्री पर पड़ेगा प्रभाव
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर
पट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। हरियाणा के यमुनानगर में पेट्रोल का भाव 80.52 और डीजल 73.00 रुपए प्रति लीटर हो गया। डीजल का यह रेट अब तक का सर्वाधिक है। तेल कंपनियां इसके लिए कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों का हवाला दे रही हैं। लेकिन क्रूड ऑयल की कीमत सामान्य है फिर भी लगातार तेलों के दामों में वृद्धि की जा रही है। ऐसा केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकार द्वारा वैट अधिक वसूलने के कारण हो रहा है। वहीं, पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि होने के कारण चौतरफा हाहाकार मचा हुआ हैं। लगातार पेट्रोलियम पदार्थों में हो रही वृद्धि के कारण महंगाई भी बढ़ रही है। इसका सीधा प्रभाव आम लोगों के जन जीवन पर पड़ रहा है। आम जन जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
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जनता में मची हाहाकार
फिलहाल पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी से जहां आम जनता में हाहाकार मचा हुआ है। वहीं खासकर डीजल के दाम बढने से निश्चित तौर पर ट्रांसपोटेशन महंगी होगी, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ेगी। वहीं, किसानी का ज्यादातर काम भी डीजल से होता है। ऐसे में किसानों पर भी इसका असर साफ देखा जा रहा है और वे आम जनता की तरह सरकार के प्रति बुरी तरह से क्रोधित हैं।
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एक वर्ष में पेट्रोल व डीजल की कीमतों का फर्क
कांग्रेस नेता सुरेश कान्हेडी का कहना है कि केंद्र सरकार किस तरह से पेट्रोल व डीजल पर लगातार एक्साइज ड्यूटी लगाकर आम जनता को बुरी मार मार रही है। इसका अंदाजा पिछले एक वर्ष में पेट्रोल व डीजल की कीमतों के फर्क से लगाया जा सकता है। रिकॉर्ड के मुताबिक 2017 को जहां डीजल की कीमत 56.50 रुपये प्रति लीटर थी, वहीं पेट्रोल 72.40 रुपये पर प्रति लीटर के हिसाब से मिल रहा था। लेकिन अब लगभग 1 वर्ष के बाद जहां डीजल की कीमत 73.00 रुपये हो चुकी है। वहीं पेट्रोल के दाम 80.52 रुपये प्रति लीटर है। हालांकि वर्षभर पेट्रोल डीजल के दामों में हो रहे पैसों की बढोत्तरी के चलते आम जनता को इसका अहसास नहीं होता, लेकिन अब वह पूरे वर्ष का हिसाब-किताब देखती है तो उसके पांव तले जमीन खिसकने वाले हालात हो जाते हैं।
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क्यों बढ़ रहा है पेट्रोल-डीजल का दाम
जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से भारत में भी डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही है। साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार गिरावट भी तेल के बढ़ते दाम के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। राज्य सरकार 26% तक वैट वसूल रही है तो हरियाणा में पेट्रोल पर 26.25 प्रतिशत और डीजल पर 17.22 प्रतिशत वैट है।
पेट्रोल-डीजल के दामों की वृद्धि को लेकर क्या कहते है लोग
- महंगाई के दर्द से छटपटा रही जनता के घावों लगातार पेट्रोल व डीजल के दामों में वृद्धि जले में नमक का काम करेगी। केन्द्र सरकार को चाहिए पेट्रोलियम पदार्थों के कर में कमी करके इनके दामों में स्थिरता बनाए रखे। ताकी आम जनता राहत की सांस ले सके।-दर्शनलाल खेड़ा
- बढ़ती महंगाई व तेल की कीमतों में वृद्धि की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। महंगाई पर लगाम कसने केंद्र की बेबस सरकार असफल साबित हो रही है। तभी तो दिनों दिन महंगाई बढ़ी जा रही है। पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी एक निराशा जनक व गलत फैसला है।-सचिन शर्मा
- लगातार पेट्रोल, डीजल के दामों में हो रही वृद्धि से जेब ढीली होने लगी है। अगर हर महीने पेट्रोल के दामों में इस तरह की वृद्धि होती रही तो कुछ समय बाद दोपहिया छोड़कर साइकिल चलाने की नौबत आ जाएगी। सरकार महंगाई को कम करने की बजाय और बढ़ावा दे रही है। चुनाव के समय तो बड़े-बड़े वायदे कर जनता से वोट मांग लिए, अब जनता की समस्याओं को और बढ़ा रहे हैं।-मोनिका अरोड़ा
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- डीजल पर केंद्र सरकार का नियंत्रण नहीं है। हर 1-2 महीने में मनमाने तरीके से पेट्रोलियम पदार्थों में वृद्धि किए जाने से सब परेशान हैं। अगर ऐसा ही रहा तो ट्रांसपोर्टर अपना काम धंधा छोड़ने को मजबूर होंगे। क्योंकि टोल टैक्स और डीजल के रेट बहुत बढ़ गए हैं। ऊपर से मालभाड़ा नहीं मिल रहा। कई कई दिनों तक गाड़ी खड़ी होती है। ऐसे में काम करना बहुत मुश्किल हो गया है।-ताराचंद सैनी, वाइस प्रेजीडेंट, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन
फोटो नंबर- 17, 18, 21, 35
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