पानी उतरते ही यमुना में शुरू हुआ अवैध खनन
- रोक के बावजूद पानी में चल रही जेसीबी, लोगों ने विडियो बनाकर डाली, खनन अधिकारियों को नहीं मिली लोकेशन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सरकार की रोक के बावजूद यमुना नदी में दिनदहाड़े खनन किया जा रहा है। खिजराबाद के बेलगढ़ में बुधवार को नदी के पानी में तीन जेसीबी यमुना का सीना चीरती नजर आई। ताज्जुब की बात है कि ग्रामीणों ने माइनिंग माफिया की इस हरकत की विडियो बनाकर खनन अधिकारियों को भेजी, लेकिन अधिकारियों को लोकेशन ही नहीं मिली। ग्रामीणों ने पुलिस व खनन विभाग की मिलीभगत का आरोप लगाया है। विडियो में साफ तौर पर तीन जेसीबी यमुना के चलते पानी में खनन करती नजर आ रही है। जबकि चार से पांच ट्रैक्टर ट्रॉली भी वहां दिखाई दे रही है।
हाईकोर्ट में जनहित याचिका डालने वाले एडवोकेट वरयाम सिंह का कहना है कि माइनिंग माफिया धड़ल्ले से अवैध रूप से खनन कर रहे हैं। जिला मुख्यालय से मात्र 20 से 40 किमी के दायरे में नदी को जेसीबी से छलनी करते हुए भारी मात्रा में खनिज का भारी दोहन किया जा रहा है। जिले में इस तरह का अवैध कारोबार बहुत बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। लेकिन जिला प्रशासन, पुलिस और खनन विभाग आंखें मूंद कर बैठे हुए हैं। हद तो तब हो जाती है कि माफिया यमुना के चलते पानी में जेसीबी मशीन उतार रहे हैं। यहां तक कि नदी के किनारे भी खोदे जा रहे हैं। इसी वजह से इस बार यमुना के पानी ने सैकड़ों किसानों को बर्बाद कर दिया।
मैं खुद सुबह 11 बजे से लेकर शाम को पांच बजे तक बेलगढ़ और आसपास टीम के साथ यमुना के किनारे मौजूद रहा। दोपहर के समय यमुना में खनन की एक विडियो मिली थी। इसे आइडेंटीफाई करने के लिए कई जगह दबिश दी गई, लेकिन हमें सही लोकेशन नहीं मिली। जिसकी वजह से खनन करने वाले हाथ नहीं आएं। जिले में इस वक्त यमुना में खनन पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है। हाल ही में हमारी टीम ने कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
-जीएस सिद्धू, जिला खनन अधिकारी
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