गेहूं न लाने पर मां ने डांटा तो इकलौते बेटे ने फंदे पर लटक दी जान, मां ने मृतक के पांव पकड़कर मांगी माफी
रामपुरा कॉलोनी की घटना, घटना के समय मां-बेटी गई थी रिश्तेदारी में
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शहर की रामपुरा कॉलोनी में गेहूं न लाने पर मां के डांटने से आहत होकर 15 वर्षीय बेटे ने फंदे लगाकर जान दे दी। किशोर से शव घर में पंखे से चुन्नी के फंदे से लटका मिला। घटना के समय मृतक की मां व बहन रिश्तेदारी में गई हुई थी। बुधवार सुबह जब मां बेटी रिश्तेदारी से लौटी तो किशोर को फंदे पर लटका देख चीखें मारकर विलाप करनी लगी। मां ने बेटे के पांव पकड़कर विलाप करते हुए माफी मांगी और ईश्वर से हाथ जोड़कर उसे जिंदा करने की प्रार्थना की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
रामपुरा कॉलोनी निवासी उषा ने बताया कि उसके इकलौता बेटा योगेश उर्फ योगी (14-15) शहर के डीएवी स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ता था। मंगलवार दोपहर बाद जब वह स्कूल से छुट्टी करके आया तो उसने उसे बाजार से गेहूं लाने के लिए कहा, लेकिन उसने जाने से मना कर दिया। इसपर उसने उसे थोड़ा डांट दिया। इसके बाद वह अपनी छोटी बेटी के साथ अपनी बहन की बेटी के घर गांव तारणवाला चली गई। सुबह जब वे घर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने आवाज लगाई तो किसी ने दरवाजा नहीं खोला। उन्होंने छत पर जाकर देखा तो योगेश पंखे से चुन्नी के फंदे से लटका हुआ था। उन्होंने पड़ोसियों की मदद से अंदर से दरवाजा खुलवाया। अंदर जाकर तुरंत फंदे से योगेश को उतरवाया। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इकलौते बेटे की मौत के बाद मां व बेटी रोने लगी। रोते हुए मां उषा यही बोल रही थी कि उसे पता होता कि उसका बेटा उसके डांटने पर ऐसा कदम उठा लेगा तो वह बहन की बेटी के घर नहीं जाती और न ही उसे डांटती।
शहर थाना प्रभारी नरेंद्र राणा का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया गया है। परिजनों का किसी पर कोई आरोप नहीं।
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