म्हारे आम सबसे खास, सभी कैटेगिरी में मिला पहला इनाम
- लगातार दसवें साल पिंजौर मैंगो फेस्टिवल में छाया यमुनानगर, 17 इनामों के साथ मिला पहला स्थान, सीएम सिटी करनाल को मिला केवल एक इनाम
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। दशहरी हो, लंगड़ा या फिर चौसा, हमारे रसीले आम सबसे खास हैं। पिंजौर के यादविंद्रा गार्डन में आयोजित 27वें मैंगो फेस्टिवल में यमुनानगर के किसानों ने आम की अलग-अलग किस्मों की प्रदर्शनी लगाई। यहां के आम की वैरायटी देखकर ही लोगों के मुंह में पानी आ गया। चखने के बाद तो दर्शक और ज्यूरी मेंबर तक प्रशंसक बन गए। सात और आठ जुलाई को आयोजित इस मेले में 17 इनाम जीतकर यमुनानगर जिला लगातार दसवें साल अव्वल रहा। इनमें से कैटेगिरी ए में तीन, बी में नौ और सी में पांच इनाम जीते। प्रदर्शनी में सीएम सिटी करनाल केवल एक इनाम जीतकर अंतिम पायदान पर रहा। दो दिवसीय इस आम मेले में हरियाणा के अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड व हिमाचल से आम की 250 किस्मों की लगभग 4600 प्रविष्टियां आई थी। इनमें लंगड़ा, सुंदरा, रटोल, चौसा, दशहरी, सफेदा, रामकेला, नागिन, गुलाब जामुन, रूमानी, लालिमा, पूसा, प्रतिभा, रत्न, चकोतरा, सोयागुलाब, खारा, बारामासी, दिलकश, फजिल, आम्रपाली, मेहक, सूर्य, चितचोर, मोहन बाग, मालदा और हाथी झूल आदि आम की किस्में दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र रहे।
आम की ये किस्म रही खास:
दशहरी- रादौर के किसान पंकज ने पहला और बिलासपुर की किसान सुनीता ने दूसरा स्थान हासिल किया। इन्हें 5100 व 2100 रुपये का इनाम मिला।
लंगड़ा- बिलासपुर के किसान ऋषिपाल ने दूसरा स्थान हासिल किया।
चौसा- कलेसर के राघव ने पहला, रणजीत सिंह और सतीश ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान मिला।
बांबे ग्रीन- दादूपुर के विशाल पहले और कलेसर के सतीश दूसरे नंबर पर रहे। रटोल- जगाधरी के कांसापुर निवासी इसराम दूसरे स्थान पर रहे।
सोया- बिलासपुर की नीरज रानी ने दूसरा स्थान हासिल किया।
आम्रपाली- बिलासपुर की नीरज ने पहला और मायादेवी ने दूसरा स्थान।
लडूरा- सत्यरानी और रादौर के सोमनाथ दूसरे नंबर पर रहे।
-इसके अलावा रामकेला में जीजीएन छछरौली, आम्रपाली और चौसा में में आरआरएस बुड़िया ने बेस्ट इंवेटिव का खिताब जीता।
प्लांटेशन है फ्री : जिले में आम की फसल पर पहले साल बागवानी विभाग द्वारा करीब 12 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सब्सिडी उपलब्ध करवाई जाती है। इससे प्लांटेशन लगभग फ्री हो जाती है। वहीं दूसरे साल भी देखरेख के लिए सब्सिडी दी जाती है। यहां करीब 5500 एकड़ में पचास से ज्यादा किस्मों की पैदावार की जाती है।
अंबाला दूसरे व यूपी तीसरे नंबर पर
जिला इनाम
यमुनानगर 17
अंबाला 12
उत्तरप्रदेश 06
पंचकूला 05
कुरुक्षेत्र 03
पंजाब 03
उत्तराखंड 03
फतेहाबाद 02
हिमाचल प्रदेश 02
सिरसा 01
रोहतक 01
करनाल 01
-यह सही बात है कि हमारे जिले का आम सबसे खास है। हरियाणा में सबसे ज्यादा पैदावार यमुनानगर में ही होती है। यहां के रसीले आमों की डिमांड देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है। सरकार द्वार आम की बागवानी की तरफ काफी ध्यान दिया जा रहा है। अभी कई सौ एकड़ में और ज्यादा प्लांटेशन की गई है। देशभर से आई 4600 इंट्री में 17 इनाम जीतकर पहला स्थान हासिल करना मामूली बात नहीं है। यह यहां के किसानों की मेहनत का ही नतीजा है।
-रमेश सैनी, हॉर्टिकल्चर डवलपमेंट ऑफिसर, यमुनानगर