महिलाओं की सीट पर नहीं बैठ सकेंगे पुरुष यात्री, कंडक्टर को दिलवानी होगी सीट
सीट न मिलें तो जीएम को करें शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। रोडवेज की बसों में महिलाओं के लिए सात से 26 सीट नंबर तक सीट आरक्षित है। जिसकी सूचना लिखित रूप में हर बस में दी गई है। अगर कोई पुरुष महिला सीट पर बैठा है तो महिला के आने पर उसे सीट देनी होगी। अगर कोई नहीं देता है तो कंडक्टर से कहे। यमुनानगर डिपो के जीएम ने महिलाओं को सीट न मिलने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए इसकी जिम्मेदारी कंडक्टर को दी है। अगर फिर भी महिलाओं को सीट नहीं मिलती तो बस नंबर के साथ इसकी शिकायत स्थानीय बस अड्डे में करें। महिलाओं की शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा और संबंधित कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जागरूक बनें महिलाएं : बसों में महिला यात्रियों के लिए सीट तो रिजर्व है, लेकिन अक्सर इस सीट पर पुरुष बैठ जाते हैं। उनका तर्क होता है कि बुकिंग के बाद अगर कोई महिला नहीं आती तो पुरुष यात्री बैठ सकता है। साथ ही पुरुष यात्री अंतिम समय में महिला सीटों का भी नंबर लिखवा कर सीट पर बैठ जाते हैं। जीएम ने स्पष्ट किया है कि महिलाएं सीट केवल महिलाओं के लिए हैं। वे किसी भी स्टैंड से चढ़े तो उनके लिए सीट खाली करनी होगी। इसलिए महिलाएं खुद भी जागरूक हों।
कंडक्टर नहीं करते हेल्प : दरअसल कंडक्टर भी पुरुष यात्रियों को कुछ नहीं कहते। जिसकी वजह से अक्सर महिला यात्रियों को खड़े-खड़े ही सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। अगर कंडक्टर की जिम्मेदारी तय होने के बाद महिलाओं को सीट मिल सकेंगी।
वर्जन
इस बारे में जीएम रविंद्र पाठक ने बताया कि सभी ड्राइवर व कंडक्टरों के इस से संबंधित सूचना दे दी गई है। अगर कोई कंडक्टर बस में किसी महिला को महिला सीट नहीं दिलाता है तो बस नंबर के साथ उसकी लिखित शिकायत बस स्टैंड कार्यालय में दें। इसके लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।
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