फोटो नंबर 02 से 12 व 16 से 20
जमीन से कब्जा हटाने गई टीम पर पथराव, पुलिस ने लाठीचार्ज कर ग्रामीणों को खदेड़ा, लोगों ने लगाया जाम
- ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार, ईओ और एसएचओ ने छिपकर बचाई जान
- नगर निगम में गांव शामिल होने के बाद गांव शादीपुर की पंचायती जमीन पर है निगम का अधिकार
- सौ सौ गज के प्लाट आवंटित होने के बाद ग्रामीणों ने कूप, गुहारे व झोपड़ियां बनाकर किए हुए थे कच्चे कब्जे -एसडीएम व डीएसपी ने ग्रामीणों को बातों में लगाया, निगम की टीम ने कब्जा हटाया
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शादीपुर में पंचायती जमीन से कब्जा हटवाने गई नगर निगम की टीम और पुलिस पर ग्रामीणों ने पथराव किया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार दर्शन सिंह, नगर निगम अधिकारी व एसएचओ सुनील सहित अन्य अधिकारियों ने छिपकर जान बचाई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी ग्रामीणों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। करीब आधा घंटे तक पुलिस व ग्रामीणों में जमकर झड़प हुई। इसमें चार ग्रामीण व दो नगर निगमकर्मी चोटिल हुए। ग्रामीणों ने कब्जा हटवाने के लिए पहुंची जेसीबी मशीन के शीशे भी तोड़ दिए। वहीं पुलिस की लाठी लगने से एक महिला बेहोश होकर गिर गई। इस पर भड़के ग्रामीण महिला को चारपाई पर लिटाकर खजूरी रोड पर बैठ गए। ग्रामीणों ने सड़क के बीचोबीच ऑटो व बाइक खड़ी कर मार्ग पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में एसडीएम बीबी कौशिक, डीएसपी देशराज व अन्य अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत करवाया।
ये है मामला
गांव शादीपुर में करीब नौ एकड़ पंचायती जमीन है। इस पर वर्ष 2007-08 में करीब 76 लोगों के सौ सौ गज के प्लाट काटे गए थे। लेकिन उनकी रजिस्ट्री नहीं हुई थी। गांव के नगर निगम में शामिल होने के बाद यह जमीन भी निगम के अधिकार क्षेत्र में आ गई। इस पंचायती जमीन में से कुछ जमीन पर ग्रामीणों ने कुहारे, कूप, झोपड़ियां बनाई हुई है। कुछ लोग यहां पशुओं का चारा भी उगाते हैं।
दोनों तरफ से चलीं लाठियां, ग्रामीणों का पथराव
मंगलवार सुबह करीब नौ बजे जैसे ही ग्रामीणों को पता चल कि नगर निगम की टीम उनके कब्जे हटाने आ रही है तो ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण यहां बनाई हुई झोपड़ियों में बैठ गए। करीब 11 बजे नगर निगम की टीम कुछ पुलिस कर्मियों के साथ पहुंची। लेकिन ग्रामीणों ने नगर निगम व पुलिस कर्मियों को कब्जे हटाने देने से साफ मना कर दिया। इस पर पुलिस और ग्रामीणों में झड़प हो गई।
इस दौरान पुलिस, प्रशासन और ग्रामीण आमने-सामने हो गए। पुलिस कर्मियों की संख्या कम थी। आरोप है कि इस दौरान ग्रामीणों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इससे नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों व पुलिस कर्मी झाड़ियों में छिपने लगे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार जहां पास की एक फैक्ट्री में छिपे, वहीं एसएचओ सदर सुनील ने झाड़ियों में छिपकर जान बचाई। सूचना मिलने पर और पुलिस फोर्स मौके पर बुलाई गई। उन्होंने लाठीचार्ज कर ग्रामीणों को भगाया। हालांकि ग्रामीणों की तरफ से भी लाठियां भांजी गईं।
बेहोश हुई महिला को सड़क पर लिटाकर लगाया जाम
ग्रामीणों ने बताया कि लाठीचार्ज में रोशनलाल, प्रदीप व फूलचंद घायल हो गए। जबकि लाठी लगने से महिला बिमला बेहोश होकर नीचे गिर गई। बिमला को सिर व कमर में लाठियां लगीं। महिला के बेहोश होते ही ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। ग्रामीण महिला को चारपाई पर लेटा शादीपुर गांव के अड्डे पर लेकर आ गए। यहां उन्होंने खजूरी रोड के बीचोबीच घायल महिला की चारपाई का सड़क के बीचोबीच रख दिया। इसके अलावा ऑटो व बाइक खड़ी करके जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने यहां प्रशासन व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि जान दे देंगे, लेकिन कब्जा हटने नहीं देंगे।
बिना नोटिस दिए उजाड़ी झोपड़ियां
पूर्व जिला परिषद वाइस चेयरमैन इस्लाम गुर्जर, ग्रामीण राजकुमार, रामकिशन, रघुबीर, रविंद्र, प्रेमचंद ने बताया कि यह पंचायती जमीन है। इस जमीन पर लोगों का वर्ष 2007 से कब्जा है। नगर निगम ने यदि कब्जा हटाना था तो उन्हें पहले नोटिस देते। ताकि वह अपना सामान उठा लेते। लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया। आज भी वे प्रशासन से सामान हटाने के लिए टाइम मांग रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी और ग्रामीणों का धक्के देना शुरू कर दिया।
ऐसे चला घटनाक्रम
-सुबह 10 बजे करीब 35-40 ग्रामीण पंचायती जमीन पर पहुंचे।
- पौने 11 बजे नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी जेसीबी व कुछ पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे।
- 11 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार दर्शन कुमार मौके पर पहुंचे।
- 11.15 बजे नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर कब्जा हटाने के लिए बढ़ी, तभी ग्रामीण जेसीबी के आगे आ गए और कार्रवाई रुकवाई।
- 11.30 बजे दोनों पक्षों में बहस के बाद पथराव शुरू हुआ।
- दोपहर 12.15 बजे ओर पुलिस फोर्स बुलाई गई।
- 12.45 बजे ग्रामीण घायल महिला को चारपाई पर लेटाकर खजूरी रोड पर बैठ गए।
- 1.30 बजे नगर निगम कर्मचारियों द्वारा कब्जा हटवाना शुरू किया गया।
- 1.45 बजे डीएसपी देसराज व एसडीएम बीबी कौशिक मौके पर पहुंचे।
- 2 बजे ग्रामीणों ने फिर पंचायती जमीन की तरफ बढ़ना शुरू किया, पुलिस ने उन्हें पीछे लौटाया।
- 2.15 बजे पूर्व जिप वाइस चेयरमैन व नंबरदार इंद्रजीत सिंह से एसडीएम व अन्य अधिकारियों ने बातचीत शुरू की और उन्हें समझाकर शांत किया।
ग्रामीणों को बातों में उलझा कर हटाया कब्जा
दोपहर बाद मौके पर पहुंची एसडीएम व डीएसपी ने लोगों को मौके से कुछ दूर बुलाया और उनसे बातचीत शुरू कर दी। साथ ही प्लाटों की तरफ न जाएं, इसके लिए पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया। उन्होंने एक घंटे तक ग्रामीणों को बातों में उलझाएं रखा। तब तक नगर निगम की टीम ने लोगों का कब्जा जमींदोज कर दिया।
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यह जमीन नगर निगम की है या लोगों की इस बारे में दस्तावेज की जांच करवाई जाएगी। लोगों को समझाकर शांत कर दिया गया है। किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। उपद्रव करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- बीबी कौशिक, एसडीएम, जगाधरी।
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मामले में अभी नगर निगम अधिकारी की तरफ से कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत आते ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। मामले में सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, मारपीट, सड़क जाम करने सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई बनती है।
- इंस्पेक्टर सुनील, एसएचओ, थाना सदर यमुनानगर।