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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए लैब टेक्निशीयन, टेस्ट कराने के लिए भटकते रहे मरीज

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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए लैब टेक्नीशियन, टेस्ट कराने के लिए भटकते रहे मरीज
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लैब टेक्नीशियन की हड़ताल से सरकारी अस्पताल की लैब में बढ़ा मरीजों का दबाव
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट एक्ट (सीईए) में बेसिक लैब पर एमबीबीएस डाक्टर की नियुक्ति के प्रावधान के विरोध में मंगलवार को जिले की 300 इंडार व आउटडोर लैब के लगभग 450 टेक्नीशियन हड़ताल पर रहे। लैब टेक्नीशियन सिविल अस्पताल के बाहर टेंट गाड़कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ धरना प्रदर्शन किया। इससे मरीज दिनभर टेस्ट कराने के लिए भटकते रहे। इसका असर सिविल अस्पताल की लैब पर दिखाई दिया। जहां रोजाना की अपेक्षा अधिक संख्या में मरीजों ने टेस्ट कराए।
लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के प्रधान जगत सिंह, जनक, रविंद्र ने बताया कि हरियाणा मेडिकल लैबोरेट्री वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर लैब कर्मचारियों ने अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा सीईए के द्वारा लैबोरेट्री फेडरेशन पर थोपी गई पॉलिसी के अनुसार वह चाहकर भी काम नहीं कर सकते। इस पालिसी के अनुसार लैब में एमबीबीएस डाक्टर होना अनिवार्य है। जोकि बिल्कुल संभव नहीं है। उनकी मांग है कि सरकार द्वारा जो पॉलिसी उनपर थोपी गई है, वह वापस ली जाए और उनकी मांगों को माना जाए। जब तक मांग नहीं मानी जाएगी, लैब टेक्नीशियन हड़ताल पर रहेंगे।
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बिना टेस्ट कराए लौटे लोग: हड़ताल के चलते जिलेभर की करीब तीन लैब बंद रही। ग्रामीण क्षेत्र में लैब बंद देख लोग जगाधरी व यमुनानगर पहुंचे। लेकिन यहां भी लैब बंद मिली। सिविल अस्पताल में पहले पर्ची बनने, फिर टेस्ट कराने के लिए कई डॉक्टरों की अनुमति लेने सहित लंबी प्रक्रिया के चलते लोग यहां नहीं पहुंचे और बि ा टेस्ट कराए घर लौट गए। मंधार निवासी निर्मल, लक्की ने बताया कि वे टेस्ट कराने के लिए मुंसीबल गए थे, लेकिन वहां लैब बंद मिली। जिसके बाद जगाधरी पहुंचे, यहां भी लैब बंद मिली। इससे उन्हें बहुत परेशानी हुई।

अपातकालीन सेवाओं की आड़ में हुए नॉर्मल टेस्ट : हड़ताल के दौरान लैब टेक्नीशियन ने केवल आपातकालीन सेवाएं जारी रखी। इसकी आड़ में कुछ लैब टेक्नीशियन ने नॉर्मल टेस्ट भी किए। कई स्थानों पर लैब खुली मिली। सिविल अस्पताल यमुनानगर व जगाधरी की लैब व हुडा सेक्टर 17 की डिस्पेंसरी में स्थित लैब में टेस्ट हुए। जहां लैब टेक्नीशियन ने काले बिल्ले लगाकर काम किया। हड़ताल के कारण सरकारी लैब पर मरीजों का दबाव बढ़ गया। इससे उनका नंबर दो से तीन घंटे बाद आया।
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लैब टेक्नीशियन की हड़ताल का सिविल अस्पताल में कोई असर नहीं पड़ा। अस्पताल की लैब दिनभर खुली रही। वहीं आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे शुरू है। लैब पर रोजाना की तरह मरीजों के टेस्ट किए गए।
- डा. विजय दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल यमुनानगर।
फोटो : 17 से 19
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