फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर्मी से बीमारी बढ़ी, अस्पताल में भीड़, 200 पेशंट ही देखेंगे फिजिशियन

विज्ञापन
विज्ञापन
ओपीडी के बाहर 200 मरीजों से ज्यादा नहीं देखने का पर्चा चस्पा किया
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
भीषण गर्मी का सीधा असर आमजन पर पड़ रहा है। गर्मी बढ़ते ही अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। सिविल अस्पताल में चाहे ओपीडी की लाइन हो, दवा वितरण काउंटर हो या फिर डाक्टर का कक्ष, सभी जगह भीड़ बढ़ने से मरीजों को इलाज कराने में परेशानी उठानी पड़ रही है। भीड़ बढ़ने से डॉक्टर भी परेशान दिख रहे हैं। ओपीडी के बाहर पर्चा चस्पा दिया गया है कि रूम नंबर पांच में बैठने वाले फिजिशियन एक दिन में 200 से ज्यादा पेशेंट नहीं देखेंगे। इससे मरीजों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। दरअसल सिविल अस्पताल में सबसे ज्यादा उल्टी-दस्त व पेट दर्द की बीमारी से परेशान लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। फिलहाल 1200 से लेकर 1500 की ओपीडी हो रही है। जिनमें से आधे मरीज लूज मोशन, डायरिया, वायरल फीवर, पीलिया, एलर्जी की वजह से सांस में दिक्कत, डिहाइड्रेशन, फूड प्वाइजनिंग, फेफड़ों की एलर्जी व इनफैक्शन जैसी बीमारियां से पीड़ित पहुंच रहे हैं। जबकि फिजिशियन डॉ. अरविंद चहल एकमात्र चिकित्सक कार्यरत हैं।
डायरिया भी पसार रहा पैर : गर्मी से उल्टी-दस्त, पेट दर्द के साथ ही डायरिया ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से किसी की पुष्टि नहीं की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि डायरिया एक जल जनित बीमारी है। गर्मी बढ़ते ही लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए कहीं से भी खरीदकर पानी पीना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा टैंकरों व सप्लाई का पानी भी कई बार खराब आ जाता है। इसलिए लोगों को इस मौसम में हमेशा साफ पानी या पानी को उबाल कर ही पीना चाहिए।
विज्ञापन

बच्चे हो रहे ज्यादा बीमार : गर्मी का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ रहा है। गर्मी में बच्चों के बीमार होते ही अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। गर्मी के कारण उल्टी दस्त, बुखार, पेट में दर्द, सांस की बीमारी आदि रोग बच्चों में हो रहे हैं। ज्यादातर बच्चे उल्टी दस्त के अलावा वायरल फीवर से भी परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन


रखें अपना ख्याल गर्मी ज्यादा है तो घर या ऑफिस के अंदर ही रहें।
-11 से 4 बजे के बीच सन एक्सपोजर से बचें।
-एयरकंडीशन और कूलर्स चलाकर रखें।
-अगर घर से बाहर जाना पड़ता है तो कैप लगाकर रखें।
-ढीले कपड़े और चश्मा लगाएं।
-लिक्विड चीजें लें और खूब सारा पानी पीएं।
-घर पर हैं तो फ्रूट जूस व ठंडा मिल्क लें।

इस बारे में डॉ. कुलजीत सिंह का कहना है कि गर्मी में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। बच्चे दूषित पानी या फिर अन्य चीज खा लेते हैं। साफ सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गर्मी से बचाव के लिए बच्चे का ख्याल रखना चाहिए। वहीं बड़ों को भी गर्मी से बचाव के इंतजाम रखने चाहिए। जैसे ही उल्टी, सिरदर्द आदि के लक्षण दिखे, तुरंत डॉक्टर की सलाह की लेनी चाहिए।
फोटो नंबर 1, 2
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें