यमुना नदी में मशीनों से खनन पर रोक, धारा 144 लागू
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
माइनिंग माफिया व अवैध खनन के खिलाफ लोगों के आक्रोश को देखते हुए डीसी गिरीश अरोड़ा ने यमुना नदी में मशीनों से खनन पर रोक लगा दी है। साथ ही यहां धारा 144 लगाई है। उन्होंने कहा कि दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 के तहत नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा पारित आदेशों की अनुपालन में राज्य सरकार ने जिला यमुनानगर में नदियों के भीतरी क्षेत्र से मशीनों द्वारा खनन पर प्रतिबंध लगाया है। उन्हीं आदेशों के पालन में धारा 144 के आदेश जारी किए हैं। अब नदियों के क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों, पोकलेन तथा अन्य मशीनों से खनन करने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा और यह मशीनें नदियों के क्षेत्रों में नही जाएगी।
कष्ट निवारण समिति के सदस्यों ने की शिकायत : गुमथला व जठलाना के घाटों पर अनियमितताओं को लेकर कष्ट निवारण समिति के सदस्यों ने डीसी को शिकायत दी थी। लिखित रूप से दी शिकायत में कहा गया कि ठेकेदार व कुछ माइनिंग माफिया कायदे कानून को ताक पर रख कर खनन कर रहे हैं। अत्यधिक खनन से गुमथला गांव का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है। पब्लिक हित को देखते हुए माइनिंग माफिया के खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाए।
खनन अधिकारी को बुलाया : डीसी ने मीटिंग में मौजूद जिला खनन अधिकारी जीएस सिद्घू को बुलाया और इस शिकायत की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। साथ ही कहा कि किसी भी तरीके से अवैध खनन न किया जाएं। अगर कोई ऐसा कर रहा है तो तुरंत उनकी धरपकड़ की जाए।
तीसरे दिन ढीला हो गया पूर्व मंत्री का धरना : वहीं बेलगढ में चल रहे पूर्व मंत्री निर्मल सिंह का धरना तीसरे दिन ढीला रहा। पूर्व मंत्री के पुत्र उदयवीर सोनू का कहना है कि उन्होंने अपनी जमीन में कमरे और दीवार का निर्माण कर दिया है। अगर खनन माफिया दोबारा इस रास्ते को खोलने का प्रयास करेगा तो फिर से वह धरने पर बैठ जाएंगे। खनन जोन में किसी भी हालत में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। 3 दिन पहले पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने अवैध खनन रोकने को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। इतना ही नहीं पूर्व मंत्री ने उस रास्ते पर खाई खोदकर निर्माण शुरू कर दिया था जिस मामले में उन पर फायरिंग का आरोप लगा था। 2 दिन धरने के दौरान पूर्व मंत्री ने उस जगह पर एक कमरा और दीवार का निर्माण कर दिया है। आज तीसरे दिन पूर्व मंत्री का टेंट खाली रहा। वहां केवल दो चार कार्यकर्ता ही दिखाई दिए। इस बारे में पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के पुत्र उदयवीर सोनू का कहना है कि वह मौके पर ही डटे हुए हैं। उन्होंने अपनी जगह पर कमरा और दीवार का निर्माण कर लिया है। अगर रास्ता खोलने का प्रयास किया दोबारा से धरने पर बैठ जाएंगे। किसी भी हालत में खनन जोन में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए वह निगरानी रखेंगे।
वहीं स्टोन क्रशर ओनर एसोसिएशन के प्रधान संजीव चौधरी, बख्शीश सिंह, रामपाल काम्बोज, नरेश कंबोज आदि का कहना है कि कि वह कानून की हद में रहकर काम करेंगे। वह खुद भी अवैध खनन के खिलाफ खड़े हैं। अगर कोई भी अवैध खनन करता है तो उसके खिलाफ खुद कार्रवाई कराई जाती है। प्रशासन ने कमेटी का गठन किया है वह काबिले तारीफ है। अब विधानसभा अध्यक्ष पर लगे अवैध खनन के आरोप की जांच निष्पक्ष हो सकेगी।